प्रेस-विज्ञप्ति

‘‘स्वच्छ भारत अभियान का जुमला और सफाई मजदूरों की दुर्दशा’’

एआईसीसीटीयू (ऐक्टू) एवं ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स फेडरेशन (एआईएमडब्लूएफ) के आहृन पर राष्ट्रीय कन्वेंशन

16 नवंबर, 2018, जंतर मंतर, नई दिल्ली

भाकपा-माले से संबद्ध खेग्रामस का छठा राष्ट्रीय सम्मेलन, 19-20 नवबंर, जहानाबाद

■ * भाकपा-माले से संबद्ध खेग्रामस का छठा राष्ट्रीय सम्मेलन 19-20 नवबंर को जहानाबाद में*

■ सम्मेलन के अवसर पर 19 नवंबर को जहानाबाद में भाजपा भगाओ-गरीब बचाओ रैली का होगा आयोजन.

■ माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य रैली को करेंगे संबोधित

■ 23 राज्यों के 1100 प्रतिनिधि सम्मेलन में हिस्सा लेंगे,ज्यां द्रेज,डीएम दिवाकर आदि अतिथि के बतौर आमंत्रित किये गए हैं!

■ ‘मजदूर-किसानों ने ठाना है, लुटेरी मोदी सरकार को भगाना है’ के केंद्रीय नारे के साथ हो रहा है सम्मेलन.

पटना 16 नवंबर 2018

रिज़र्व बैंक की स्वायत्तता पर मोदी सरकार के हमले

अभी हाल ही में रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर ने रिज़र्व बैंक जैसी नियामक संस्थाओं की स्वायत्तता में सरकार के हस्तक्षेप से पैदा होने वाले ख़तरों पर तीखी चेतावनी जारी की है। आम जनता के सामने रिज़र्व बैंक का एक बड़ा अफ़सर सरकार की ऐसी आलोचना कर, ऐसा कभी नहीं हुआ। निश्चित ही इस अफ़सर की बात को रिज़र्व बैंक के दूसरे पदाधिकारियों का भी समर्थन होगा ही। इस घटना से उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों द्वारा की गयी उस अभूतपूर्व प्रेस कान्फ्रेंस की याद ताज़ा हो गयी जिसमें उच्चतम न्यायालय में मोदी सरकार की दख़लन्दाज़ी की आलोचना की गयी थी।  

पिछले साढ़े चार साल में देश की एकता को तोड़ने और देश को बांटने की तमाम कोशिशों के बाद मोदी ने 'स्‍टैचू ऑफ यूनिटी' का अनावरण किया

आज मोदी ने वल्‍लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति 'स्‍टैचू ऑफ यूनिटी' का अनावरण किया. पटेल कांग्रेसी नेता थे फिर भी मोदी और आरएसएस उन्‍हें पचाने की कोशिश में हैं. इससे बड़ी विडंबना क्‍या होगी कि जो पटेल आरएसएस के धुर विरोधी थे और जिन्‍होंने गांधी जी की हत्‍या के बाद आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था आज वही उन्‍हें पूजने का नाटक कर रहे हैं. पटेल की आरएसएस के बारे में बहुत साफ समझदारी थी.   

रांची में भाकपा(माले) की आदिवासी अधिकार रैली

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2018 को भाकपा(माले) रांची नगर कमेटी ने ‘आदिवासी अधिकार रैली’ निकाली. रैली में जंगल जमीन की रक्षा के लिए पारम्परिक हथियारों से लैस आकर्षक झांकी भी निकाली गयी. भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल रद्द करने, 5वीं अनुसूची को सख्ती से लागू करने, आदिवासी अधिकारों पर हमले बंद करने के जोरदार नारों के साथ राज्य कार्यालय से रैली निकाली जो मेन रोड सर्जना चौक, शहीद चौक होकर अल्बर्ट एक्का चौक पहुंची, जहाँ सभा की गई. सभा को संबोधित करते हुए माले नेता जगरनाथ उरांव ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी अधिकारों की रक्षा का संकल्प दिवस है.