रिपोर्ट

जी.डी. अग्रवाल की मृत्यु मोदी के नमामि गंगे प्रहसन का पर्दाफाश

11 अक्टूबर को हरिद्वार में गंगा की अविरलता के लिए अनशनरत प्रो. जी.डी. अग्रवाल का 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वे 111 दिन से अनशनरत थे और एक दिन पहले पानी पीना भी छोड़ चुके थे. 2011 में सन्यास लेने के बाद स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के नाम से जाने गए जी.डी.अग्रवाल गंगा की अविरलता के लिए अनशन कर रहे थे.

गुजरात में बिहारियों पर हमले के खिलाफ दरभंगा में प्रदर्शन

गुजरात से बिहारियों व उत्तर भारतीयों को खदेड़ बाहर किये जाने व क्षेत्र और धर्म के नाम पर देश को विभाजित करने की भाजपाई मंसूबों-साजिश के खिलाफ, पलायन करने वाले मजदूरों को मुआवजा की मांग पर दरभंगा शहर के कर्पूरी चौक पर 20 अक्टूबर 2018 को भाकपा(माले) की नगर कमेटी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन का नेतृत्व माले नगर सचिव सदीक भारती, जिला कमिटी सदस्य प्रिंस राज, अवधेश सिंह, देवेन्द्र कुमार, उमेश साह, भूषण मंडल आदि कर रहे थे। वक्ताओं ने बिहारियों पर हो रहे हमले के खिलाफ मोदी-नीतीश की चुप्पी को लताड़ते हुए मोदी सरकार को देश की एकता-अखंडता के लिये सबसे बड़ा खतरा बताया.

बुलेट ट्रेन किसकी कीमत पर?

दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब हाल में 15 अक्टूबर 2018 को ‘भारत में बुलेट ट्रेन - किसकी कीमत पर’ विषय को केंद्र कर एक जन कन्वेंशन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘भूमि अधिकार मंच’ के बैनर तले किया गया था। कार्यक्रम में इस परियोजना के चलते महाराष्ट्र और गुजरात से विस्थापित होने वाले किसान और आदिवासी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। जमीनी स्तर पर इस आंदोलन को नेतृत्व दे रहे कार्यकर्ताओं ने अपने सारगर्भित अनुभव लोगों से साझा किए।

पुदुच्चेरी में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समर्थन में सभा

‘सनातन संस्था’ जैसे दक्षिणपंथी आतंकी ग्रुपों के खतरे से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रक्षा करने के लिए 15 अक्टूबर 2018 को पुदुच्चेरी में मानवाधिकार संगठनों के द्वारा एक सार्वजनिक सभा आयोजित की गई. इस सभा में प्रो. कल्याणी और पीपुल्स वाच के हेनरी टिफग्ने जैसे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अलावा एआइपीएफ नेता मंगैयार सेल्वन सहित भाकपा(माले), भाकपा, माकपा और अन्य सामाजिक संगठनों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया.

आंध्र प्रदेश में ‘जन-जागरण यात्रा’

आंध्र प्रदेश के गांवों और मंडलों में भाकपा(माले) और इसके जन संगठनों ने ‘जन जागरण यात्रा’ शुरू की है. मोदी के फासिस्ट शासन और चंद्रबाबू नायडू ;तेदेपाद्ध की गरीब-विरोधी, कॉरपोरेट-परस्त नीतियों का भंडाफोड़ करते हुए भाकपा(माले) घर-घर जाकर व्यापक जनता के साथ संपर्क कर रही है. इस जन जागरण यात्रा के दौरान पूर्वी गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर और श्रीकाकुलम जिलों में 31 मंडपों के 67 गांवों / वार्डो में 16013 परिवारों के बीच जन संपर्क चलाया गया. इस अभियान के क्रम में कार्यकर्ताओं ने आम लोगों को बताया कि मोदी और चंद्रबाबू की सरकारों ने देश और राज्य में किस तरह जनता को धोखा दिया है.

कश्मीर में जनसंहार के बाद चुनाव का माखौल

भारत ने हाल ही में कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों से संबंधित यूएनएचसीएचआर की रिपोर्ट को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया. लेकिन कश्मीर में स्थानीय निकाय के लिए हुए हाल के चुनाव ने, और साथ ही, नागरिकों के जन संहार ने कश्मीर के बारे में मोदी सरकार और भाजपा के झूठ को फिर से बेनकाब कर दिया है.

कोयला उद्योग में जन-जागरण अभियान की रिपोर्टिग

एआईसीसीटीयू के राष्ट्रव्यापी जन जागरण अभियान के मद्देनजर कोयला उद्योग में भी अभियान चलाने का काम किया गया। इस दौरान ईसीएल के मुगमा एरिया के हड़ियाजाम, श्यामपुर-बी, चांपापुर, लखीमाता कोलियरियों में गेट मीटिंग किया गया और आम सभा की गई और अभियान चलाने के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बात रखी गई। यह कार्यक्रम बीसीसीएल के दहीबाड़ी कोलियरी में भी चलाया गया, वहां भी आम सभा की गई.

बैंकिंग सेक्टर और मोदी सरकार

बैंकिंग सेक्टर में निजीकरण को बढ़ावा देने और कॉरपोरेट डिफाल्टरों (कर्ज हड़पने वालों) को उबारने के लिए ‘जन धन योजना’ का इस्तेमाल करने की कहानी

बेगूसराय में जिला सचिव की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रतिवाद

बिहार में दलित-गरीबों के मान सम्मान व भूमि अधिकार के लिये भाकपा(माले) के नेतृत्व में चलाये जा रहे मेहनतकशों के संघर्ष से और साथ ही बिहार की धरती से ‘भाजपा भगाओ लोकतंत्र बचाओ’ के नारे पर वामपंथी-जनवादी शक्तियों की एकता के माले के आह्नान से बिहार सरकार बौखला गई है. इसलिये जगह-जगह जनांदोलनों का नेतृत्व कर रहे भाकपा(माले) के कार्यकर्ताओं पर केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा हमले किये जा रहे हैं. इसके जरिये वे गरीबों के मान-सम्मान, भूमि अधिकार व लोकतांत्रिक अधिकारों के लिये जारी संघर्षों को पीछे धकेल देने की कोशिश कर रहे हैं.

मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदले जाने के खिलाफ प्रतिवाद

निरंकुश तानाशाही का एक और नमूना दिखलाते हुए भाजपा सरकार ने सैकड़ों वर्ष पुराने ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंकशन रख दिया है. इस नाम परिवर्तन के समारोह में आने वाले भाजपा नेताओं में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं अन्य दर्जन भर नेता शामिल हैं. इनका विरोध करने के लिये कई संगठनों के कार्यकर्तागण एकत्रित हुए और उन्होंने भाजपा नेताओं को काले झंडे दिखलाये तथा प्रतिवाद प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया.