आंध्र प्रदेश में ‘जन-जागरण यात्रा’

आंध्र प्रदेश के गांवों और मंडलों में भाकपा(माले) और इसके जन संगठनों ने ‘जन जागरण यात्रा’ शुरू की है. मोदी के फासिस्ट शासन और चंद्रबाबू नायडू ;तेदेपाद्ध की गरीब-विरोधी, कॉरपोरेट-परस्त नीतियों का भंडाफोड़ करते हुए भाकपा(माले) घर-घर जाकर व्यापक जनता के साथ संपर्क कर रही है. इस जन जागरण यात्रा के दौरान पूर्वी गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर और श्रीकाकुलम जिलों में 31 मंडपों के 67 गांवों / वार्डो में 16013 परिवारों के बीच जन संपर्क चलाया गया. इस अभियान के क्रम में कार्यकर्ताओं ने आम लोगों को बताया कि मोदी और चंद्रबाबू की सरकारों ने देश और राज्य में किस तरह जनता को धोखा दिया है.

1 अक्टूबर को पार्टी ने अनकापल्ली में  का. पीके शंकर की स्मृति में एक शोक सभा आयोजित की. राज्य सचिव का. बी. बांगर राव ने सभा की अध्यक्षता की. कामरेड एन. मूर्ति ने उस इलाके में वामपंथी आंदोलन में उनकी निस्वार्थ सेवा की चर्चा की. ऐपवा की राज्य अध्यक्ष तमदा अरुणा और किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष का. हरिनाथ ने भी सभा को संबोधित किया. कामरेड पीके शंकर के पुत्रा, जो 1991 से ही विशाखापत्तनम जिले में खेत मजदूरों और आदिवासियों के बीच काम कर रहे हैं, भाकपा(माले) में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में जिले भर से आए सैकड़ों लोग शरीक थे. सभा के बाद वहां एक रैली निकाली गई.

9 अक्टूबर को विशाखापत्तनम जिले में चेदिकदा मंडल के गुडीवाडा गांव में सभा की गई. आसपास के इलाकों के लगभग 100 आदिवासी सभा में शामिल हुए.

वर्ष27
अंक45