नई दिल्ली 28 जनवरी 2020
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा और भाजपा मंत्री अनुराग ठाकुर दिल्ली विधान सभा चुनावों के प्रचार में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ खतरनाक तरीके से साम्प्रदायिक नफरत और हिंसा की बातें उगल रहे हैं.
अमित शाह कह रहे हैं कि ईवीएम का बटन ऐसे दबाईये कि उसका ‘करेंट’ शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को लगे. अनुराग ठाकुर ने विपक्ष के नेताओं को ‘’देशद्रोही’’ कहते हुए गोली मारने के लिए कहा है. प्रवेश वर्मा दिल्ली के वोटरों से कह रहे हैं कि शाहीन बाग से सावधान रहें क्यों कि अगर मुसलमान आगे बढ़े तो वे आपके घरों में घुस कर बलात्कार और लोगों की हत्यायें करेंगे.
प्रवेश वर्मा ने जो कहा उससे 2014 में अमित शाह द्वारा पश्चिम उत्तर प्रदेश में दिये गये उस भाषण की याद आना स्वाभाविक है जिसमें मुस्लिम समुदाय के बारे उन्होंने कहा था कि ‘वे हमारी महिलाओं और बेटियों के लिए खतरा हैं’. ध्यान देने की बात है कि आज भारत के सारे शाहीन बागों में महिलायें हमारा नेतृत्व कर रही हैं. भाजपा तो तीन तलाक और लव जेहाद में हिन्दू और मुसलमान महिलाओं को बांट कर देख रही है, लेकिन देश में भर में भाजपा की विभाजनकारी और तोड़फोड़ की राजनीति के खिलाफ आज हिन्दू और मुसलमान महिलायें एक साथ एकजुट हो रही हैं.
पूरी दिल्ली ने देखा है कि भाजपा के संगठन एबीवीपी के गुन्डों ने किस तरह जेएनयू में छात्रों और प्राध्यापकों पर हमला किया गया, उनकी बर्बर पिटाई की. लेकिन दिल्ली पुलिस ने अब तक एक भी हमलावर को नहीं पकड़ा है. उसकी जगह भाजपा, जिसकी सरकार के तहत गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस आते हैं, शाहीन बाग में लोकतंत्र के लिए चल रहे आन्दोलन का साम्प्रदायिकीकरण करना चाहती है.
भाजपा नेताओं की हेट-स्पीचों से एक बार फिर साबित हो गया है कि पांच साल के मोदी शासन के बाद भी उनके पास घृणा, भेदभाव और हिंसा बढ़ाने के अलावा दिल्ली के मतदाताओं को देने के लिए और कुछ भी नहीं है. तथाकथित सुशासन और अच्छे दिन की बातें सफेद झूठ थीं और अब भाजपा चाहती है कि देश की जनता इन पर बातें न करे.
भाकपा-माले दिल्ली के मतदाताओं और पूरे देश की जनता से अपील करती है कि भाजपा की गरीब विरोधी, जनविरोधी और मुस्लिम विरोधी राजनीति को करारा जवाब दें. पार्टी चुनाव आयोग से अपील करती है कि इन हेट-स्पीचों का तुरत संज्ञान लिया जाय और ऐसे नेताओं को चुनाव प्रचार एवं चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाय तथा उनके ऊपर आपराधिक धाराओं में मुकदमा चलाया जाय.
- भाकपा-माले केन्द्रीय कमेटी द्वारा जारी

