22 अप्रैल 2020: महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य का संदेश – बराबरी की दुनिया बनाने के लिये हम लेनिन के सपनों को फिर से याद करें

22 अप्रैल हमारी पार्टी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) का स्थापना दिवस है. इस साल हमारी पार्टी 51 साल पूरे कर रही है. साथ ही कामरेड लेनिन के जन्म के 150 साल भी पूरे हो रहे हैं. लेकिन आज जो समय है, यह बहुत ही कठिन दौर है. हम एक महामारी से जूझ रहे हैं और लाॅकडाउन भी चल रहा है. इस महामारी और लाॅकडाउन के कठिन दौर में आप सभी के लिये हमारे मन में शुभकामनाएं हैं. आप स्वस्थ रहें और इस पूरे लाॅकडाउन के दौर में भी आगे बढ़ते रहें, कोरोना को पीछे छोड़ते हुए.

डा. भीमराव अंबेदकर जयंती भाकपा(माले) समेत 5 वाम दलों का आह्वान

वामपंथी पार्टियां जनता का आह्वान करती हैं कि वे लाॅकडाउन की पाबंदियों के दायरे में रहते हुए 14 अप्रैल को शाम पांच बजे निम्नलिखित मुद्दों पर संकल्प लेकर अम्बेदकर जयंती का पालन करें.

22 अप्रैल को भाकपा (माले) के 51वें पार्टी स्‍थापना दिवस के अवसर पर संकल्‍प

कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए मोदी सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन के इस दौर में देश के सामने स्‍वास्‍थ्‍य, भोजन और जीविका का भीषण संकट खड़ा हो गया है। गरीब और प्रवासी मजदूर इससे सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुए हैं। हम कॉमरेड चारू मजूमदार के इस आह्वान पर खरा उतरने का संकल्‍प लेते हैं कि ''जनता का स्‍वार्थ ही पार्टी का स्‍वार्थ है''। हम इस महामारी से प्रभावित लोगों के साथ दृढ़ता से खड़े रहने का संकल्‍प लेते हैं। भूख मिटाओ! कोरोना भगाओ!   

22 अप्रैल को भाकपा (माले) के 51वें पार्टी स्‍थापना दिवस के अवसर पर संकल्‍प

1. कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए मोदी सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन के इस दौर में देश के सामने स्‍वास्‍थ्‍य, भोजन और जीविका का भीषण संकट खड़ा हो गया है। गरीब और प्रवासी मजदूर इससे सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुए हैं। हम कॉमरेड चारू मजूमदार के इस आह्वान पर खरा उतरने का संकल्‍प लेते हैं कि ''जनता का स्‍वार्थ ही पार्टी का स्‍वार्थ है''। हम इस महामारी से प्रभावित लोगों के साथ दृढ़ता से खड़े रहने का संकल्‍प लेते हैं। भूख मिटाओ! कोरोना भगाओ!