नज़रिया

अब नीतीश सरकार के ‘विकास’ की भेंट चढ़ेगी ऐतिहासिक धरोहर खुदाबख्श ओरियंटल लाइब्रेरी!

 

बिहार की नीमीश कुमार सरकार ने पटना में कारगिल चौक से लेकर एनआइटी तक ‘फ्लाई ओवर निर्माण के लिए’ ऐतिहासिक धरोहर खुदाबख्श ओरियंटल लाइब्रेरी के गार्डेन व कुछ हिस्सों को तोड़ने का फसला लिया है.

रुद्रपुर में किसान महापंचायत

 

मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में किसानों की भागीदारी बढ़ती जा रही है. देशभर में हो रहीं किसान पंचायतों में किसान नेताओं को सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है.

बेखौफ आजादी

[ लिबरेशन की सम्पादक कविता कृष्णन की नई किताब फियरलेस फ्रीडम (बेखौफ आजादी), जिसे पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने प्रकाशित किया है, के दो अंश ]

असमिया कवि सनंत तांती की नई कविता

 

फिर आया है फासीवाद
फिर आया है घिनौना फासीवाद हमारे घर में
नया हिटलर समय पर फटकार रहा है चाबुक
दर्द से बोझिल हो गई है चारों तरफ की हवा
मौसम बेरंग होकर दुःख से रुठ गए हैं
हृदय की भाषाएं उन्मुक्त होने के लिए रो-रोकर हृदय में मर रही हैं
आंखों में सूख चुके हैं आंसू अपने आप ही
फिर आया है घिनौना फासीवाद हमारे घर में
हमारे समय को तहस-नहस कर हमारे ही आंगन में
आकर खड़ा हुआ है नया हिटलर
हत्या करने के लिए इंसानियत की.

(अनुवाद-दिनकर कुमार)

लोकतंत्र की रक्षा के लिये प्रजा नहीं, नागरिक चाहिये

(कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य का साक्षात्कार, आनंदबाजार पत्रिका के लिये अनिर्वाण चट्टोपाध्याय द्वारा)

 

प्रश्न: विगत 30 जुलाई को कोलकाता में भाकपा(माले)-लिबरेशन का जन-कन्वेंशन तो काफी सफल रहा. लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद पैदा हुई परिस्थिति में आज 2 अगस्त को आपको क्या लग रहा है, इस दौर में कोई सकारात्मक संकेत मिल रहा है?

कामरेड चारु मजुमदार

‘चारु मजुमदार भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन के समूचे इतिहास में पहले और एकमात्र कम्युनिस्ट नेता थे, जिन्होंने भारतीय क्रांति की सजीव तस्वीर पेश की थी, और इस महानायक के पीछे जैसे जादू के जोर से खींची चल पड़ी थी दसियों हजार नौजवान कम्युनिस्टों की एक समूची पीढ़ी, जिस पीढ़ी ने स्वेच्छा से - रवीन्द्रनाथ की भाषा में - ‘जीवन आर मृत्यु के पायेर भृत्य बनिये’ - शहादत कबूल की थी। ठीक जिस तरह भगत सिंह की लाश को अंग्रेजों ने रातोंरात जला दिया था, उसी तरह चारु मजुमदार के शव को भी कड़े पुलिस पहरे में रातोंरात भस्मीभूत कर दिया गया.