वर्ष - 28
अंक - 18
20-04-2019

जलियांवाला बाग हत्याकांड की शतवार्षिकी की पूर्व संध्या पर 12 अप्रैल 2019 को पटना सहित राज्य के विभिन्न केंद्रों पर कैंडल मार्च निकाला गया और हत्याकांड में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई. राजधानी पटना के कारगिल चौक (भगत सिंह चौक) और पटना सिटी में नागरिकों की ओर से कैंडल मार्च निकाला गया. कारगिल चौक पर हुई श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे. ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड न केवल साम्राज्यवादी ताकतों की क्रूरता का बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता का भी परिचायक है. उन्होंने कहा कि देश ने जिस हिन्दू-मुस्लिम एकता के बल पर साम्राज्यवाद का मुकाबला किया था, आज उस एकता को आज के निरंकुश शासकों के हमलों से हर कीमत पर बचाने की चुनौती हमारे सामने है.

उन्होंने कहा कि आज संघ और भाजपा हिंदू मुस्लिम एकता के लिए काम करने वालों को देशद्रोही-राजद्रोही कहती है और दंगाइयों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट देती है. आज संघ, भाजपा, मोदी-योगी सब बांटो और राज करो वाले अंग्रेजों के शासन वाले मॉडल पर चल रहे हैं. यही वे काले अंग्रेज हैं जिनके खिलाफ भगत सिंह ने हमें सचेत किया था. जलियांवाला बाग के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब हम हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने और नफरत का जहर फैलाने वाली संघी-भाजपाई ताकतों को पराजित करेंगे.

सभा को उनके अलावा भाकपा-माले की राज्य कमिटी के सदस्य रणविजय कुमार, रामबलि प्रसाद, मुर्तजा अली, अनिता सिन्हा, अशोक कुमार, रामकल्याण सिंह आदि माले कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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जलियांवाला बाग हत्याकांड की शतवार्षिकी की पूर्व संध्या पर 12 अप्रैल 2019 को भाकपा(माले) व ऐक्टू ने भागलपुर में स्थानीय भगतसिंह प्रतिमा स्थल पर 100 कैंडल जलाकर शहीदों को सलाम किया. मौके पर दर्जनों माले व ऐक्टू कार्यकर्ताओं ने भगतसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए पूरे परिसर को कैंडल लाइट से रौशन कर ‘जलियांवाला बाग जैसा जनसंहार अब और नहीं - लाठी-गोली की सरकार अब और नहीं!’, ‘उन्माद-उत्पात की साजिश को खारिज करो - हिन्दू-मुस्लिम एकता को मजबूत करो!’ आदि नारे बुलंद किए और दो मिनट का मौन रखकर जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

ऐक्टू के राज्य सचिव व भाकपा-माले के नगर प्रभारी मुकेश मुक्त ने मौके पर मौजूद आमजनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज से 100 साल पहले हिन्दू-मुस्लिम एकता से घबराकर अंग्रेजी हुकूमत ने सैकड़ों निहत्थे आजादी के दीवानों को एक साथ गोलियों से भुनवा दिया था. आज आजादी के 70 साल बाद भी देश के हुक्मरान हिन्दू-मुस्लिम एकता से उतना ही खौफ खाते हैं. ये हुक्मरान वही हैं जिन्हें भगतसिंह, अम्बेडकर, प्रेमचंद आदि ने काला अंग्रेज कहा था, जो आजादी आंदोलन के दौरान अंग्रेजी हुकूमत की दलाली किया करते थे और आज हिन्दू-मुस्लिम के बीच झगड़ा करवा कर ...देश को साम्प्रदायिक उन्माद में झोंक कर अडानी-अम्बानी आदि औद्योगिक घरानों की दलाली किया करते हैं. हमें इनके साजिश को खारिज करना होगा.

उन्होंने भाजपा-राजग को चुनाव में शिकस्त देने का आह्वान करते हुए आगे कहा कि आइए, गरीब-मजदूर, दलित-पिछड़ा विरोधी, महिला-अल्पसंख्यक-आदिवासी विरोधी इन फासीवादी काली ताकतों को सत्ता से बेदखल करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दें. इसके जुमलेबाजी-धोखेबाजी और आम मेहनतकशों से किए गए गद्दारी की ताबूत में अंतिम कील ठोकने का वक्त आ गया है. मजबूती से इसके खिलाफ खड़े होकर ही हम सभी को जलियांवाला बाग के शहीदों का सच्चा वारिस होने का गौरव हासिल होगा और हम शहीदों के सपनों को साकार कर सकेंगे.

कार्यक्रम में ऐक्टू के जिला कार्यालय सचिव अमर कुमार, भाकपा(माले) के जिला कमिटी सदस्य विष्णु कुमार मंडल, जगदीशपुर प्रखंड सचिव सिकंदर तांती, बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन (ऐक्टू) के संयुक्त सचिव अमित साह, मो. चांद अली, चंचल पंडित, गणेश पासवान, कैलाश पंडित, राजू यादव आदि शामिल रहे.

झारखंड के धनबाद जिले में भाकपा(माले) की निरसा एरिया कमेटी ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की शताब्दी पर 13 अप्रैल को सेन्ट्रलपुर पार्टी कार्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि दी. सभा को माले नेता कामरेड उपेन्द्र सिंह, कृष्णा सिंह, नागेन्द्र कुमार, मनोरंजन मल्लिक, हरेन्द्र सिंह, असीम घोष आदि दर्जनों साथियों ने सम्बोधित किया.

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इसी दिन गिरिडीह जिले के बिरनी में भाकपा(माले) की इकाई ने कैंडल मार्च कर पार्टी कार्यालय के पास शहीदों को श्रद्धांजलि देकर शहादत दिवस मनाया और हिटलरशाही व साम्राज्यवाद के खिलाफ जमकर नारे लगाये. सरिया में भगत सिंह चौक पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष मोमबत्तियां जलाकर शहीद हुये लोगों को श्रद्धांजलि दी गयी. भरकट्टा बाजार मे मुस्तकीम अंसारी, मशरफ जी, पूर्व मुखिया प्रमोद सिंह आदि के नेतृत्व में कैंडल मार्च हुआ. कोडरमा के झुमरी तिलैया में भी कैंडल मार्च निकाला गया.

इसी दिन पलामू लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न जिलों और झारखंड के बाकी जिलों में भी जलियांवाला बाग़ दिवस को शहीद दिवस के रूप में मनाया गया.

इलाहाबाद में जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि

जलियांवाला बाग हत्याकांड की सौवीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिये 13 अप्रैल 2019 को कोरल क्लब, नार्थ सेंट्रल रेलवे, इलाहाबाद की ओर से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता इडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड मनोज कुमार पांडेय ने की. श्रद्धांजलि सभा के मुख्य वक्ता डा. रामायण राम थे. संचालन डा कमल उसरी ने किया.

शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित करने बाद दो मिनट का मौन रखा गया. उसके बाद उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए का. रामायण राम ने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान कुख्यात रोलेट ऐक्ट एवं अंग्रेजों की अन्य दमनकारी नीतियों के खिलाफ तथा डा. सत्यपाल और सैफ़ुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में बैसाखी के दिन 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियाँवाला बाग में एक सभा रखी गई. शहर में कर्फ्यू  के बावजूद सैकड़ों लोग बैसाखी का मेला देखने और शहर घूमने आए थे और सभा की खबर सुन कर वहां जा पहुंचे थे. करीब 5,000 लोग जलियाँवाला बाग में इकट्ठे थे. जब नेता बाग में पड़ी रोड़ियों के ढेर पर खड़े हो कर भाषण दे रहे थे, तभी जनरल रेजिनॉल्ड डायर 90 ब्रिटिश सैनिकों को लेकर वहां पहुँच गया. सैनिकों ने बाग को घेर कर बिना कोई चेतावनी दिए निहत्थे लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दिया. कुल 1650 राउंड गोलियां चलाई गईं. आज आजाद भारत में भी स्थितियां लगभग वैसी ही होती जा रही है, आज भी किसानों नौजवानों आदिवासी पर दमनात्मक कार्यवाही जारी है, माब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकारें जाति संप्रदाय के नाम पर गोलबंदी कर रही हैं. हिंदू-मुस्लिम एकता की गंगा-जमुनी तहजीब को बर्बाद कर रही हैं. इसलिए हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि हम ‘उठो मेरे देश नये भारत के वास्ते, भगत सिंह अम्बेडकर के रास्ते’ के नारे को बुलंद करते हुए जनता का भारत बनाने के लिए फासीवाद, साम्राज्यवाद को हराने के लिए पूरी ताकत लगा दें.

कामरेड मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि उस समय के जलियांवाला बाग नरसंहार का हुक्म देने वाले पंजाब के लेफ्टीनेंट गवर्नर माइकेल ओ’डायर को मौत के घाट उतारने वाले उधमसिंह के पिता रेलवे के कर्मचारी थे. आज जो काले डायर किसान-आदिवासी, मेहनतकश-बेरोजगार नौजवानों की हत्या कर रहे हैं, उनके खिलाफ पुनः रेलवे कर्मचारी के बेटे उधमसिंह बनकर डायरों को हराएंगे.

श्रद्धांजलि सभा में आईआरईएफ नेता का. संजय तिवारी, ऐक्टू से सम्बद्ध एनआरडब्लूयू नेता विनय तिवारी, सैयद इरफात अली, रुक्मानंद पांडे, संदीप सिंह, इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता कामरेड माता प्रसाद पाल, समकालीन जनमत के संपादक के के पांडेय, ऐक्टू राज्य सचिव अनिल वर्मा, आइसा राज्य सचिव कामरेड शैलेश पासवान, जसम जिला संयोजक व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लेक्चर डा अंशुमान कुशवाहा, शिवानी, अंतस सर्वानंद, सहित सैकड़ों रेलवे कर्मचारी उपस्थित थे.

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में तुलसीसागर लंका स्थित भाकपा(माले) के जिला पार्टी कार्यालय से मार्च निकालकर कामरेड सरयू पांडेय पार्क तक गया और वहां श्रद्धांजलि सभा की गई. सभा को भाकपा माले के केन्द्रीय कमेटी सदस्य एवं गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से भाकपा(माले) के प्रत्याशी ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, राज्य स्थायी समिति सदस्य कामरेड ओमप्रकाश सिंह, मिठाई लाल, कमलाकर राम, चंदरावती देबी, मंजू गोंड, मोती प्रधान, राजेश बनबासी, सत्येन्द्र कुमार ने सम्बोधित किया.

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