कामरेड भोला उरांव


गत 30 अगस्त 2019 को कलकत्ता में आयोजित ‘एकजुट हो, मुकाबला करो’ राष्ट्रीय कन्वेंशन से लौटते समय बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के कामरेड भोला उरांव की वर्धमान स्टेशन के पास रेल पटरी पर गिरने से मौत हो गई. वे हावड़ा स्टेशन से बाघ एक्सप्रेस से वापस इलाके के लिये चले थे. जब वे वापस नहीं पहुंचे तो उनकी खोज शुरू हुई. करीब एक महीने रूट के विभिन्न स्टेशनों पर सघन खोज के बाद उनकी मौत के बारे में पता चला. तब पार्टी के पश्चिम चम्पारण जिला कमेटी सदस्य कामरेड मुख्तार उनकी डेड बाॅडी और डेथ सर्टिफिकेट लेने के लिए पहुंचे. वहां पता चला कि रेल पुलिस ने उनका शव जला दिया है. इस खोज में पश्चिम बंगाल के साथियों ने भी काफी मदद की.

कामरेड भोला उरांव प. चम्पारण के रामनगर प्रखण्ड के मधुबनी गांव के थे. बहुत ही विनम्र स्वभाव वाले अच्छे साथी थे. उनके न रहने से पार्टी को काफी क्षति पहुंची है. कामरेड भोला उरांव के परिवार के दुख में पार्टी शामिल है. शोक श्रद्धांजलि! कामरेड भोला उरांव को लाल सलाम!

वर्ष28
अंक38