माले नेता की गिरफ्तारी का प्रतिवाद

29 अगस्त 2019 को पार्टी की झारखंड राज्य कमेटी सदस्य और गिरीडीह जिले के जमुआ विधानसभा क्षेत्र के नेता का. अशोक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. का. अशोक पासवान 2009 में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी दिलाने के लिए जमुआ प्रखंड मुख्यालय में प्रदर्शन कर रहे थे. उस समय के तत्कालीन बीडीओ ज्योति झा और भाजपा विधायक केदार हाजरा के इशारे पर उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया था. जमुआ पुलिस प्रशासन और विधायक ने मिलजुल कर झूठे मुकदमे में ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है.
 
का. अशोक पासवान लगातार जमुआ में गरीब मजदूरों व असहाय लोगों की आवाज को उठाते रहे हें. वे गरीबों की हर लड़ाई में शामिल रहते हैं. स्थानीय भाजपा विधायक केदार हाजरा को यह नागवार गुजरता था. भाजपा विधायक के इसारे पर जमुआ पुलिस द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी इस इलाके के गरीबों की आवाज को बंद करने की ही एक हताश कोशिश है.

उनकी गिरफ्तारी के प्रतिवाद में जमुआ में एक प्रतिवाद मार्च निकाला गया एवं उनकी अविलंब व बिना शर्त रिहाई की मांग की गई. इस मार्च में शामिल भाकपा माले जमुआ प्रखंड सचिव विजय पांडे, ऐपवा नेत्री मीना दास, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष मो. असगर अली, भोला पासवान, विकास पासवान, ऐनुल अंसारी, रंजीत यादव, ललन यादव, भगीरथ पंडित, अभिमन्यु राम, लखन हंसदा आदि लोग शामिल थे. भाकपा(माले) झारखंड राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने चेतावनी दी है कि अगर का. अशोक पासवान को बिना शर्त रिहा न किया गया तो इस मुद्दे पर राज्यस्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा.

वर्ष28
अंक38