17 वाम दलों का शांति जुलूस

एक सितम्बर 2019 को साम्राज्यवाद-विरोधी दिवस के अवसर पर कोलकाता में हजारों लोगों ने एक विशाल शांति जुलूस में भाग लिया. मध्य कोलकाता के मौलाली अंचल में स्थित रामलीला पार्क से निकला यह जुलूस स्यालदह, कालेज स्ट्रीट, चित्तरंजन एवेन्यू होते हुए महाजाति सदन पहुंचकर समाप्त हुआ. जुलूस में अमरीकी साम्राज्यवादी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा दुनिया के हर राजनीतिक मामले में दखलंदाजी किये जाने के खिलाफ, मोदी सरकार की कश्मीर नीति के खिलाफ, असम में लागू की जा रही एनआरसी की नीति के खिलाफ, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेसी शासन के भ्रष्टाचार और दलीय वर्चस्व की नीति के खिलाफ आवाजें उठाई जा रही थीं. जुलूस में भाकपा(माले) की ओर से केन्द्रीय नेतागण राज्य कमेटी सचिव का. पार्थ घोष, पोलिटब्यूरो सदस्य का. कार्तिक पाल एवं अन्य कामरेड शामिल थे. जुलूस के अंत में एक संक्षिप्त सभा हुई जिसे बिमान बसु, मनोज भट्टाचार्य आदि ने संबोधित किया. भाकपा(माले) की ओर से का. पार्थ घोष ने अपनी बात रखी.

इसी दिन सिलीगुड़ी में भी वामपंथी दलों ने संयुक्त रूप से साम्राज्यवाद-विरोधी शांति जुलूस निकाला. जुलूस में अमरीका द्वारा सोशल नेटवर्किंग साइट की निगरानी अविलम्ब खत्म करने की मांग भी उठाई गई. स्थानीय बाघाजतीन पार्क से निकले इस जुलूस ने शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों की परिक्रमा की. भाकपा(माले) केन्द्रीय कमेटी सदस्य और दार्जिलिंग जिला सचिव का. अभिजित मजुमदार के नेतृत्व में निकले जुलूस में अपू चतुर्वेदी, मोजाम्मिल हक, पवित्र सिंह, पुलक गांगुली, शरत् सिंह, मामोनि बर्मन, पैषानजू सिंह के अलावा  जीवेश सरकार (सीपीएम), तापस गोस्वामी (आरएसपी), लक्ष्मी महतो (सीपीआई) आदि भी शामिल थे.

वर्ष28
अंक39