विगत 4 फरवरी 2021 को प्रतियोगी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने खंड शिक्षा अधिकारी के रिजल्ट में ओबीसी का समुचित आरक्षण (27%) लागू नहीं किए जाने का कड़ा विरोध जताते हुए प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन किया और आयोग के अध्यक्ष के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा.

प्रतिनिधि मंडल के नेता अजय कुमार यादव ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जिसकी विज्ञापन संख्या ए-4/ई -1/2019 है, के अंतिम परिणाम में ओबीसी को प्राप्त 27% संवैधानिक आरक्षण के बजाय 10% आरक्षण दिया गया हैं. यानि कि 309 पदों में 83 की जगह पर सिर्फ 31लोग चयनित हुए हैं जो समझ से परे है. सुनील यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग लगातार आरक्षण के नियमों की अवहेलना कर रहा है. गलत तरह से व्याख्या करके विज्ञापन व रिजल्ट निकाल रहा है, जिससे वंचित तपकों से आने वाले छात्रों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. सुनील मौर्य ने कहा कि रिजल्ट में अनियमितता करके आयोग सरकार के इशारे पर भर्ती को फंसाना चाहता है ताकि छात्रा आपस में लड़ें और चयनित होने के बावजूद नियुक्ति पत्र लेकर नौकरी नहीं कर सकें. आयोग की कार्यप्रणाली से मजबूर होकर छात्र सड़क पर प्रदर्शन करें और  न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं, इसका सीधा फायदा सरकार को ही होता है.

प्रतिनिधि मंडल ने छात्रों से मिलकर सड़क पर लड़ने के साथ-साथ न्यायालय में लड़ाई लड़ने की योजना बनाई है. इसके लिए छात्रों को आगे आकर शामिल होने की अपील की गई. प्रतिनिधि मंडल में अजय यादव, सुनील मौर्य, सुनील, सुनील कुमार, भीम कुमार, सुनील यादव, शैलेश कुमार, सतपाल सिंह, शिवम शामिल रहे.