वर्ष - 30
अंक - 5
30-01-2021


बिहार में पटना समेत कई जिलों में ट्रैक्टर जुलूस का आयोजन किया गया. पटना के फुलवारीशरीफ में स्थानीय विधायक गोपाल रविदास के नेतृत्व में 50 से अधिक ट्रैक्टर और सैंकड़ों मोटरसाइकिलों के साथ एम्स से चितकोहरा गोलबंर मार्च निकाला गया.

इस मार्च में अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा, भाकपा(माले) पोलित आजाद हिंद किसान दिवस के रूप में मनाई गई नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती ब्यूरो के सदस्य अमर, ऐपवा की राज्य सचिव शशि यादव, भाकपा(माले) नेता गुरूदेव दास, जयप्रकाश पासवपन, साधु शरण व मुर्तजा अली, इंसाफ मंच की नेता आसमां खान, हिरावल के संयोजक संतोष झा आदि शामिल हुए. मार्च में स्थानीय राजद नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया.

लाल व तिरंगा झंडों से पटे ट्रैक्टरों व मोटरसाइकिलों का जत्था देखते ही बनता था. मार्च के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ और तीन कृषि कानूनों की वापसी का मांग के जोरदार नारे लगते रहे.

चितकोहरा गोलबंर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए का. धीरेन्द्र झा ने कहा कि देश में चल रहे किसान आंदोलन ने आजादी के आंदोलन के दौर जैसा जागरण पैदा किया है. आज पूरा देश मोदी सरकार की विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट हो रहा है. देश के लोग किसान आंदोलन के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं. वे कह रहे हैं कि हम देश में दूसरा कंपनी राज बर्दाश्त नहीं करेंगे.

पटना जिले के पालीगंज में युवा विधायक संदीप सौरभ, भोजपुर के गड़हनी में युवा विधायक मनोज मंजिल तथा कटिहार के बारसोई में विधायक महबूब आलम व ऐपवा नेत्री जूही महबूबा के नेतृत्व में मार्च निकाला गया.

दरभंगा में 100 से अधिक ट्रैक्टर सड़क पर उतरे और एनएच 57 पर निकला विशाल जुलूस शहर का प्रमुख आकर्षण बना रहा. बाजार समिति चौक स्थित लक्की ट्रेडर्स के सामने (एनएच 57) से निकला ट्रैक्टर मार्च बाजार समिति, शिवधारा, कैदराबाद, डब्लूआईटी, रामबाग, हसन चौक, भोगेन्द्र झा चौक होते हुए दरभंगा विश्वविद्यालय परिसर पहुंचा. परिसर स्थित जनकवि नागार्जुन और संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर किसान आंदोलन को मजबूत करने व लोकतंत्र व संविधान पर हो रहे हमलों का मुकाबला करने का संकल्प लिया गया.

ट्रैक्टर मार्च का भव्य स्वागत किया और परेड में शामिल किसानों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की. माल्यार्पण के बाद कोमलकांत यादव की अध्यक्षता में आयोजित सभा को इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, भाकपा(माले) राज्य कमिटी के सदस्य अभिषेक कुमार, आइसा के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने संबोधित किया.

ट्रैक्टर मार्च वहां से निकल कर कटहलबाड़ी और बस स्टैंड होते हुए पुनः बाजार समिति पर आकर सपन्न हुआ. कार्यक्रम में आइसा के जिला अध्यक्ष प्रिंस कर्ण, जिला सचिव विशाल मांझी, इनौस के जिलाध्यक्ष केशरी यादव, इंसाफ मंच के नेता मो. जमशेद, आइसा नेता मयंक यादव, गोलू सिंह, सबा रौशनी, किसान नेता मिथलेश पासवान, संजय यादव, उमेश साह सहित सैकड़ों नेता-कार्यकर्ता शामिल थे. जिले में 3 प्रखंडों में भी ट्रैक्टर परेड आयोजित हुआ.

मुजफ्फरपुर में भी किसान संगठनों ने ट्रैक्टर व मोटरसाइकिल मार्च निकाला. दर्जनों ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल सवार सैकड़ों किसानों व छात्र-नौजवानों का ‘किसान बचाओ-देश बचाओ मार्च’ मिठनपुरा स्थित शहीद जुब्बा सहनी स्मारक स्थल से निकल कर अघोरिया बाजार, कलमबाग, माड़ीपुर, इमलीचटी, स्टेशन रोड, कल्याणी चौक, कच्ची सराय, पक्की सराय, बनारस बैंक चौक, सरैयागंज, कंपनी बाग होते हुए शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल पहुंचा. इस दौरान जोरदार नारे लगाए गए.

मार्च में अखिल भारतीय किसान महासभा के परशुराम पाठक व होरिल राय, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राज्य सचिव लालबाबू महतो, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव चंदेश्वर चौधरी, अखिल भारतीय खेग्रामस के राष्ट्रीय पार्षद शत्रुघ्न सहनी, राष्ट्रीय सेवा दल के राष्ट्रीय सचिव शाहिद कमाल, इंसाफ मंच के राज्य अध्यक्ष सूरज कुमार सिंह, प्रो. अरविंद कुमार डे, जय किसान आंदोलन के नेता मुकेश ठाकुर, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नंदकिशोर शुक्ला, एआईकेएमकेएस के उदय चौधरी, एआईकेएमएस के राज्य अध्यक्ष रामवृक्ष राम, इंसाफ मंच के जिला अध्यक्ष फहद जमां, आइसा नेता दीपक कुमार, पीयूसीएल के जिला सह सचिव अंकित आनंद, किसान सभा के नेता शंभूशरण ठाकुर, किसान खेत मजदूर संगठन के तारकेश्वर गिरी, मजदूर किसान सभा के राजकुमार कुशवाहा, किसान मजदूर सभा के राजकिशोर राम, जिला पार्षद रूदल राम, नौजवान सभा के नेता अकबर आजम सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे.

मार्च के प्रारंभ में दिल्ली बोर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान अब तक शहीद हुए 150 से ज्यादा किसानों को एक मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई तथा किसान आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया गया.

वैशाली जिले में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष विशेश्वर यादव, किसान नेत्री डा. प्रेमा देवी, डा. बी सिंह व त्रिभुवन राय के नेतृत्व में लालगंज नगर पंचायत क्षेत्र के देवा चौक से बिदुपुर, हाजीपुर व राजापाकर प्रखंड मुख्यालय तक मोटरसाइकिल जुलूस निकाला गया.

बेगूसराय में सैकड़ों ट्रैक्टरों व मोटरसाइकिलों के साथ महादेव चौक से रतनपुर गांव तक मार्च निकाला गया. इसमें किसान महासभा सहित अन्य किसान संगठन के नेताओं-कार्यकर्ताओं तथा हजारो के संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया.

अरवल जिले के अरवल व कुर्था में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया. सीतामढ़ी में भी इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद सिद्दीकी व स्थानीय राजद विधायक मुकेश कुमार यादव की अगुआई में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया.

समस्तीपुर में भाकपा, माकपा व भाकपा(माले) द्वारा हाउसिंग बोर्ड, जितवापुर से लगभग 150 ट्रैक्टरों के साथ पैरेड शुरू हुआ जो समस्तीपुर कालेज, बाजार, चीनी मिल चैक, रेलवे ओवरब्रिज, जिला समाहरणालय से होते हुए पुनः उसी रास्ते वापस हुआ. जिले के बिथान प्रखंड मुख्यालय में 23 ट्रैक्टरों के साथ जुलूस निकाला गया.

सहरसा जिला के कटैया से सहरसा तक ट्रैक्टर परेड का आयोजन किया गया. जहानाबाद, खगड़िया, बक्सर, रोहतास व कैमूर आदि जिलों में भी ट्रैक्टर मार्च निकला.

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किसानों के समर्थन में मार्च

26 जनवरी को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की बिहार इकाई के बैनर तले गांधी मैदान स्थित पीर अली पार्क से शहीदे आजम भगत सिंह चैक तक किसान मार्च निकाला गया. किसान आंदोलनकारियों ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी शहीद पीर अली के मजार पर पुष्पांजलि कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उसके बाद नारे लगाते हुए जुलूस भगत सिंह चैक पहुंचा. शहीदे आज़म की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के बाद एक मिनट मौन रहकर किसान आन्दोलन के दौरान 150 से अधिक शहीद हुए साथियों और स्वतंत्रता आन्दोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. भगत सिंह चौक पर अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता शिवसागर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सभा को जय किसान आन्दोलन के ट्टषि आनन्द, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के उपाध्यक्ष मणिकांत पाठक, अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के नन्दकिशोर सिंह, ऐक्टू के प्रांतीय महासचिव आरएन ठाकुर, एआईटीयूसी के प्रांतीय सचिव हरिदेव ठाकुर, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (सेवांजलि) के नेता मो. सलाउद्दीन, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेता महबूब रहमान ने संबोधित किया.

वक्ताओं ने न्यायपूर्ण किसान आन्दोलन का समर्थन करते हुए किसान विरोधी एवं कारपोरेटपक्षी तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद की कानूनी गारंटी करने और बिजली संशोधन कानून, 2020 को वापस लेने की मांग की. कहा कि किसानों के आंदोलन के पक्ष में समाज का सभी तबके खड़े हो रहे हैं और यह जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है. किसानों ने फासीवादी प्रवृत्ति वाली भाजपानीत केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को खुली चुनौती दी है और बड़े पूंजीपतियों एवं कारपोरेट घरानों के निहित स्वार्थों में काले कृषि कानूनों को थोपने के सरकार के नापाक इरादों को ललकारा है.

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