प्राचीन व मध्यकालीन भारत के जाने-माने इतिहासकार प्रो. डीएन झा के निधन पर भाकपा(माले) ने गहरा शोक प्रकट किया है. पार्टी के महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य ने अपने शोक संदेश में कहा है कि प्रोफेसर झा ने इतिहास के भगवाकरण व भाजपा द्वारा उसको तोड़-मरोड़ कर पेश करने की साजिशों के खिलाफ सही इतिहास लेखन के पक्ष में उठ खड़े प्रतिरोध का नेतृत्व किया. उन्होंने इतिहास के क्षेत्र में फासिस्ट ब्रिगेड के हमले का अपनी लेखनी से जोरदार जवाब दिया. हम उनके द्वारा किए गए कार्यों का सामाजिक बदलाव के संघर्ष में हथियार की तरह इस्तेमाल करेंगे. उनका संघर्ष हमारे लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगा. लड़ाई जारी रहेगी और निश्चित रूप से एक दिन हम जीत हासिल करेंगे.

बिहार मूल के इतिहासकार प्रो. डीएन झा जनांदोलनों से भी लगातार जुड़े रहे. नीतीश कुमार द्वारा पटना म्यूजियम को नष्ट किए जाने के खिलाफ भी उन्होंने अपनी आवाज बुलंद की थी. उनके निधन से हमने जनता के पक्ष में इतिहास की रचना करने वाले एक अमूल्य इतिहासकार को आज खो दिया.