लखनऊ, 3 मार्च. भाकपा(माले) की राज्य इकाई ने हाथरस में अपनी बेटी के साथ छेड़खानी की रिपोर्ट लिखाने वाले अधेड़ पिता की सरेआम मुख्य आरोपी व उसके गुर्गों द्वारा गोली मारकर हत्या कर देने की घटना की कड़ी निंदा की है. पार्टी ने सवाल किया कि हाथरस में पीड़िता के परिवार की सुरक्षा क्यों नहीं कर पाए, मुख्यमंत्री योगी जवाब दें.

माले ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि हत्याकांड के लिए योगी सरकार जिम्मेदार है, जो अपराधियों को संरक्षण देती है. जमानत पर छूटा मुख्य आरोपी गौरव शर्मा ढाई साल से छुट्टा घूम रहा था और आखिरकार उसने बीते सोमवार को खेत में काम कर रहे पीड़िता के पिता को दिनदहाड़े पूरे परिवार के सामने अपने गिरोह के साथ पहुंचकर गोलियों से छलनी कर दिया.

पार्टी ने कहा कि हाथरस के सासनी थाना क्षेत्र के नौजरपुर गांव में हुई उक्त घटना की भयावहता बताती है कि योगी सरकार में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं. इसके पहले हाथरस जिले में ही दलित लड़की की रेप के बाद हत्या की घटना हो चुकी है. इसमें सीबीआई जांच के बाद न्याय मिलना अभी बाकी ही है कि एक और दुर्दांत घटना हो गई. घटना हुए दो दिन हो गए, मगर आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है. माले ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल है. पार्टी ने पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने और हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की.

 

अलीगढ़ घटना की उच्च स्तरीय जांच हो

लखनऊ, 2 मार्च. भाकपा(माले) की राज्य इकाई ने कहा है कि उन्नाव में दो दलित नाबालिग लड़कियों की मौत की घटना को महज दो सप्ताह ही बीते कि अलीगढ़ में एक और दलित नाबालिग लड़की की हत्या हो गयी. घटना की एफआईआर में हत्या-बलात्कार की धाराएं लगी हैं. स्पष्ट है कि योगी सरकार में दलित महिलाओं के खिलाफ हिंसा बेलगाम बढ़ी है. पार्टी ने अलीगढ़ घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों को सख्त सजा की मांग की है.

मंगलवार को जारी बयान में भाकपा(माले) ने कहा कि योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल है. भाकपा(माले) ने कहा कि जिले के अकराबाद इलाके में जानवर का चारा लेने गई 16 वर्षीय दलित लड़की की लाश खेत में रविवार शाम को पड़ी मिली. हालांकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर बलात्कार जैसी किसी घटना से इंकार कर रही है, जबकि ग्रामीणों द्वारा दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग के लिए मृतका के शव के साथ जाम लगाने पर ही परिजनों की ओर से रेप-हत्या की एफआईआर दर्ज हो सकी.


मुख्यमंत्री की कर्मभूमि पर भी महिलाएं असुरक्षित, सरकार कहां है?

लखनऊ, 4 मार्च. भाकपा(माले) की राज्य इकाई ने गोरखपुर में मंगलवार रात घर लौट रही नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की घटना की कड़ी निंदा की है. पार्टी ने कहा है कि प्रदेश ही नहीं, मुख्यमंत्री की कर्मभूमि पर भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे में इस सरकार के बने रहने का कोई मतलब नहीं रह गया है.

भाकपा(माले) ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि घटना में पुलिस की शुरुआती भूमिका बलात्कारियों को संरक्षण देने वाली थी, जो कम शर्मनाक नहीं थी. गैंगरेप के तुरंत बाद रोती हुई पीड़िता जब कुछ स्थानीय मददगारों के साथ रिपोर्ट लिखाने पुलिस चौकी पहुंची, तो उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उसे भगा दिया गया. यदि मददगारों ने घटना पर पर्दा डालने वाले  पुलिस के इस रवैये को सोशल मीडिया पर न डाला होता, तो इतनी बड़ी घटना को रफा-दफा ही कर दिया गया होता.

पार्टी ने कहा कि यह सोशल मीडिया के माध्यम से पैदा हुआ जनदबाव ही था, जिसने अन्ततः बलात्कार, पोक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में घटना की रिपोर्ट दर्ज करने और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के लिए पुलिस प्रशासन को बाध्य किया. ऐसे में पीड़िता के मददगारों के खिलाफ भी दर्ज किए गए दूसरे एफआईआर को जनहित में निरस्त करने के बारे में सरकार को अवश्य विचार करना चाहिए, क्योंकि घटना से स्पष्ट है कि पीड़िता की मदद करने के दृष्टिकोण से उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया था.

माले ने नाबालिग लड़की से गैंगरेप के दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई करा कर सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की.

गौरतलब है कि आर्केस्ट्रा की नाबालिग डांसर अपना काम खत्म कर जब रात करीब दस बजे घर लौट रही थी, तो गुंडों ने उसे रास्ते में पकड़ लिया और एक घर में ले जाकर गैंगरेप किया. लड़की किसी तरह जान बचाकर पुलिस के पास पहुंची थी.