नीतीश सरकार की वादाखिलाफी, हकमारी व सरकारी उपेक्षा से आक्रोशित राज्य की हजारों आशा कार्यकर्ताओं ने विगत 16-17 मार्च को बिहार विधानसभा के समक्ष गर्दनीबाग, पटना में दो दिवसीय महाधरना आयोजित किया. आशा कर्मियों ने ‘1000 में दम नही, 21000 रुपये मासिक मानदेय से कम नहीं’, ‘पारितोषिक नहीं, मासिक मानदेय देना होगा’, ‘आशा को सरकारी कर्मी घोषित करना होगा’, ‘सभी आशाओं का सेवा अभिलेख निर्माण करना होगा’, ‘सभी काम का अलग-अलग मेहनताना का ससमय भुगतान करो’ आदि मांगों को बुलंद किया. यह महाधरना कार्यक्रम आशा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले आयोजित हुआ जिसमें राज्य के सभी जिलों से लगभग दस हजार आशाकर्मियों ने हिस्सा लिया.

पहले ही दिन 16 मार्च 2021 को बिहार विधान सभा में आशा कर्मियों को मासिक ’पारितोषिक’ की जगह मासिक ’मानदेय’ देने सहित अन्य मामलों का उठाया गया. भोजपुर जिले के तरारी क्षेत्रा से भाकपा(माले) विधायक सुदामा प्रसाद ने ध्यानाकर्षण के तहत सदन में यह मामला उठाया. भाकपा(माले) विधायक दल के नेता महबूब आलम, विधायक सुदामा प्रसाद, गोपाल रविदास, वीरेंद्र गुप्ता, संदीप सौरभ, अजित सिंह कुशवाहा तथा माकपा विधायक अजय कुमार ने धरना स्थल पर आशाकर्मियों को संबोधित किया.

बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोप गुट) की अध्यक्ष शशि यादव, आशा संघर्ष समिति के लुकमान तथा बिहार राज्य आशा संघ (एटक) की नेत्री किरण राउत की अध्यक्षता में गर्दनीबाग में आशा कर्मियों की हुई सभा को महासंघ (गोप गुट) के सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद, महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा, एटक नेता कौशलेंद्र कुमार वर्मा, चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ नेता विश्वनाथ सिंह, ऐक्टू महासचिव आरएन ठाकुर, आशा कार्यकर्ता संघ की महासचिव विद्यावती पांडेय, शैव्या पांडेय, ऐपवा नेत्री अनिता सिन्हा, ऐडवा नेत्री रामपरी, सीटू महासचिव गणेश शंकर सिंह, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री शशिकांत राय, सुबेश सिंह, अमित मिश्रा, आशा संघर्ष समिति नेत्री सुधा सुमन, ऐक्टू नेता रणविजय कुमार, जिला आशा नेत्री प्रतिमा कुमारी, सुनीता कुमारी, चन्द्रकला कुमारी, सुशीला पाठक, एआइएसएफ के नेता विश्वजीत, आइसा के नेता आकाश कश्यप, आइसा के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत कुमार आदि ने मुख्य रूप से संबोधित किया.

सभा को सम्बोधित करते हुए विश्वनाथ सिंह, शशि यादव एवं कौशलेंद्र कुमार वर्मा ने आगामी 25-26 मार्च को राज्य में हड़ताल कर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्दों का घेराव  करने की घोषणा की.

Voice of women