भूमिहीनों को बसाने की मांग

बिहार के बेगूसराय में भाकपा(माले) के नेतृत्व में गरीब-भूमिहीनों ने ‘वादा पूरा करो’ नारे के साथ भाकपा(माले) जिला कार्यालय से झंडा-बैनर के साथ शहर में निकाला मार्च जो कचहरी रोड होते हुए जिला समाहरणालय के समक्ष जाकर सभा मे तब्दील हो गया.

वहां मुशहरू पासवान की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता नवल किशोर ने जिला प्रसाशन से बिहार सरकार की घोषणा अनुसार सर्वे कर सभी भूमिहीनों को बसने के लिए पांच डिसमिल जमीन मुहैया कराने और सभी सरकारी जमीनों को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की.

अघोषित आपातकाल के बिरोध में सामूहिक भूख हड़ताल

‘उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में योगी सरकार ने अघोषित आपातकाल लागू कर रखा है. यहां मजिस्ट्रेट पर थानेदार भारी है और जो काम मजिस्ट्रेट को करना है वह काम भी थानेदार ही कर रहा है. लोकतंत्र और संबिधान यहां की पुलिस के लिए कोई मायने नहीं रखता. उत्तर प्रदेश में दलित महिला ओं और अल्पसंख्यकों पर पुलिस उत्पीड़न में बेतहाशा वृद्धि हो रही है. जो भी जमीन, रोजगार व सम्मान की बात करता है योगी सरकार उसका दमन कर रही है.

भूमि-अधिग्रहण के खिलाफ महिला किसान-मजदूर पंचायत

6 नवंबर 2022 को ‘जमीन मकान बचाओ संयुक्त मोर्चा’ ने आजमगढ़ (उप्र) के जमुआ हरिराम गांव में महिला किसान-मजदूर पंचायत का आयोजन किया. पिछले 24 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीणों को सिटिजन फॉर जस्टिस एंड पीस की डॉ. मुनीजा रफीक खान, ऐपवा की कुसुम वर्मा, गांव के लोग पत्रिका से जुड़ी अपर्णा श्रीवास्तव, रामजी यादव, घरेलू कामगार संगठन की धनशीला देवी ने संबोधित किया.

गरीब शहरी मजदूरों का विरोध प्रदर्शन

शहरी गरीब मजदूर मोर्चा और इंकलाबी नौजवान सभा ने विगत 10 नवंबर 2022 को लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र के मोहिबुल्लापुर की समस्याओं के समाधान के लिए दर्जनों मुहल्लावासियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया और नगर निगम अपर आयुक्त श्री अभय कुमार पाण्डेय को तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा.

किरण नेगी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर रोक लगे

भाकपा(माले) की उत्तराखंड राज्य कमेटी ने देश के राष्ट्रपति को श्रापन भेजकर किरण नेगी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने की मांग की है.

महामहिम राष्ट्रपति को भेजे गये श्रापन में यह बताया गया है कि 9 फरवरी 2012 को दिल्ली में दफ्तर से लौट रही किरण नेगी का हनुमान चौक, कुतुब विहार छवाला से अपहरण कर लिया गया. तीन दिन बाद उसका षव बरामद हुआ. इसी बीच यह पुलिस जांच में सामने आया कि राहुल, उसके भाई रवि और एक अन्य व्यक्ति विनोद ने किरण नेगी का अपहरण किया और बलात्कार के बाद उसकी हत्या करके शव झज्जर में खेतों में फेंक दिया.

राज्यपाल रमेश बैस वापस हों

‘राज्यपाल रमेश बैस जिस भाषा में बात कर रहे हैं, यह झारखंड और यहां की चुनी हुई सरकार के साथ खिलवाड़ है. हम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से वर्तमान राज्यपाल को झारखंड से वापस बुलाने की मांग करेंगे.’ – ये बात भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने विगत 5 नवंबर 2022 को रांची में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कही.

भड़काऊ भाषणों पर रोक लगे

पछले छः माह से पंजाब में दो तरफा भड़काऊ भाषणों (हेट स्पीच) के जरिये माहौल खराब करने की जो सुनियोजित कोशिशें चल रही हैं, शिव सेना प्रदेश प्रमुख सुधीर सूरी की हत्या उसी का नतीजा है. सीपीआई(एमएल) लिबरेशन सुधीर सूरी हत्याकांड की कड़ी निंदा करता है.

चिंता की बात तो यह है कि पंजाब की आप सरकार और केंद्र सरकार मूक दर्शक बनकर इन ताकतों की मदद कर रही हैं. पंजाब में खालिस्तान की आवाज देने वाले हों या हिंदू राष्ट्र की, इनसे सब से ज्यादा फायदा फासीवादी संघ-भाजपा को ही पहुंचता है.

भाजपा-आरएसएस की विभाजनकारी राजनीति का हथकंडा है सनातन संस्कृति समागम

बक्सर में आयोजित सनातन समागम का आयोजन धर्म के नाम पर भाजपा-आरएसएस की विभाजनकारी राजनीति का ही एक हथकंडा है. इस आयोजन में भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और भाजपाई विचार वाले कुछेक राज्यपाल भी शामिल हो रहे हैं. संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की भागीदारी कहीं से उचित नहीं है. खबर है कि शोभा यात्रा भी निकाली जाएगी. इसके जरिए भाजपा व आरएसएस बिहार में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं. यह बेहद चिंतनीय है और इसके प्रति हम सबको सावधान रहना होगा.

जल, जंगल, जमीन को कॉरपोरेट दखल से मुक्त करो! राशन, पेंशन, रोजगार, न्यूनतम मजदूरी, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए आंदोलन तेज करो!

झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा (झामस) का 5वां केंद्रीय सम्मेलन विगत 6 नवंबर, 2022 को रामगढ़ जिले के घुटुवा, बरकाकाना सामुदायिक भवन में आयोजित किया गया. सम्मेलन स्थल का नाम घुटुवा के शहीदों – रिझनी देवी व बलकहिया देवी तथा रामप्रसाद महतो – के नाम पर रखा गया था.

नेताजी सुभाष व घुटुवा के शहीदों के स्मारक पर माल्यार्पण

भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसान मार्च

2500 बीघा जमीन अधिग्रहण के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा, भारतीय किसान यूनियन व किसान न्याय मोर्चा के नेतृत्व में चंदौली जिला मुख्यालय पर किसानों ने मार्च कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.