अखिल भारतीय किसान महासभा के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन की शानदार शुरूआत

एमएसपी गारंटी कानून बनाने और गरीबों की खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली का विस्तार करने की मांग

विगत 23 सितंबर 2022 को  विशाल किसान महापंचायत के आयोजन के साथ बिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज स्थित इंटर कालेज मैदान मेंअखिल भारतीय किसान महासभा के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरूआत हुई. किसान महापंचायत में एमएसपी गारंटी कानून, गरीबों की खाद्य सुरक्षा के लिए पीडीएस सिस्टम का विस्तार, कदवन डैम का निर्माण, सोन नहर प्रणाली का पुनर्निर्माण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई.

अम्बेडकर प्रतिमा तोड़ने की कड़ी निंदा, दबंगों को संरक्षण की नीति ने बढ़ाया मनोबल : माले

लखनऊ, 19 अगस्त। भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने सीतापुर जिले के हरगांव में बीती रात एक प्राइमरी पाठशाला के पार्क में डॉ. बीआर अम्बेडकर की लगी आदमकद प्रतिमा को शरारती तत्वों द्वारा तोड़ देने की कड़ी निंदा की है।

अस्पताल में भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐपवा, इनौस का प्रदर्शन

लखनऊ ग्रामीण के सीतापुर रोड स्थित राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय (बीकेटी) में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ और माल क्षेत्र के रनियांमऊ दलित हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर ऐपवा और इंनौस ने विगत 8 अगस्त को राजधानी के परिवर्तन चौक से स्वास्थ्य भवन (निदेशालय) तक मार्च निकाल कर प्रर्दशन किया. मुख्यमंत्री को सम्बोधित दो ज्ञापन मौके पर मौजूद अधिकारी को सौंपे गए. मार्च व प्रदर्शन का नेतृत्व ऐपवा की जिला सहसंयोजिका का. कमला गौतम और इंनौस के का. नीरज ने किया.

साम्प्रदायिकता और संस्कृति

साम्प्रदायिकता सदैव संस्कृति की दुहाई दिया करती है. उसे अपने असली रूप में निकलने में शायद लज्जा आती है, इसलिए वह उस गधे की भांति, जो सिंह की खाल ओढ़कर जंगल में जानवरों पर रोब जमाता फिरता था, संस्कृति का खोल ओढ़कर आती है. हिन्दू अपनी संस्कृति को कयामत तक सुरक्षित रखना चाहता है, मुसलमान अपनी संस्कृति को. दोनों ही अभी तक अपनी-अपनी संस्कृति को अछूती समझ रहे हैं, यह भूल गये हैं कि अब न कहीं हिन्दू संस्कृति है, न मुस्लिम संस्कृति और न कोई अन्य संस्कृति.

झारखंड में भाजपा के द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिवाद

एक तरफ पूरा राज्य सुखाड़ का दंश झेल रहा है, बारिश नहीं हो रही है. दूसरी तरफ विधायकों पर नोटों की बारिश हो रही है. जब से झारखंड बना है तब से हॉर्स ट्रेडिंग का खेल चल रहा है. सरकार के खिलाफ ईडी का इस्तेमाल करने के साथ-साथ, भाजपा इस राज्य को खरीद-फरोख्त की राजनीति का अड्डा बना देना चाहती है. सरकार को अस्थिर करने की साजिश लंबे समय से चल रही है. पिछले दिनों हावड़ा में झारखंड के जामताडा विधायक इरफान अंसारी सहित तीन विधायकों की गाड़ी से लाखों रुपये बरामद हुए. इससे साफ साबित होता है कि जनता के जनादेश को बाजार में खुलेआम बेचा जा रहा है.

आइएलओ कन्वेंशन-169 को अंगीकार करो - विश्व आदिवासी अधिकार की घोषणा को लागू करो

विश्व आदिवासी अधिकार दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2022 को ‘आदिवासी संघर्ष मोर्चा’, झारखंड के द्वारा आदिवासियों के अधिकारों को बहाल करने की मांग पर रामगढ़ शहर के मेन रोड में एक मार्च निकाला गया.

1942 के शहीदों की स्मृति में राज्यव्यापी ‘आजादी मार्च’

आजादी की 75वीं और 1942 की जनक्रांति की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर 11 अगस्त 2022 को पूरे बिहार मे तिरंगे झंडे के साथ ‘आजादी मार्च’ का आयोजन किया गया. राजधानी पटना में बुद्ध स्मृति पार्क से यह मार्च निकला जो स्टेशन गोलबंर, जीपीओ गोलबंर होते हुए विधानसभा स्थित शहीद स्मारक पहुंचा और वहां पर 1942 में आज ही के दिन सचिवालय पर देश का झंडा फहराने के क्रम में शहीद हुए 7 नौजवानों – उमाकांत प्रसाद सिन्हा, देवीपद चौधरी, रामानन्द सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगपति कुमार, राजेन्द्र सिंह व रामगोविंद सिंह – की मूर्ति पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.

पटना में आशा फैसिलिटेटर की राज्यस्तरीय कार्यशाला

बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (सम्बद्ध, महासंघ गोप) के नेतृत्व में 6 अगस्त 2022 को महासंघ कार्यालय, पुनाईचक, राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन ऐक्टू महासचिव आरएन ठाकुर ने किया.

संयुक्त किसान मोर्चा का प्रतिवाद

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और अन्य मांगों पर केन्द्र सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में सरदार उधम सिंह के शहादत दिवस पर 31 जुलाई को देशभर में विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस क्रम में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से जुड़े किसान संगठनों द्वारा पटना के जीपीओ गोलंबर से बुद्ध स्मृति पार्क तक एक प्रतिवाद मार्च निकाला गया और बुद्ध स्मृति पार्क के सामने एक सभा का आयोजन किया गया.

भाजपा की नफरत व विभाजनकारी राजनीति से मुक्ति पूरे बिहारी समाज की बन चुकी है चाहत

बिहार में बनती वैकल्पिक सरकार पूरे देश के लिए नई दिशा व नए ध्रुवीकरण का आधार तैयार करेगी

9 अगस्त 2022, पटना

भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने बिहार की तेजी से बदलती राजनीतिक परिस्थिति पर टिप्पणी व्यक्त करते हुए कहा कि इसका संदेश देशव्यापी है. भाजपा द्वारा संविधान-लोकतंत्र पर लगातार किए जा रहे हमले व देश में तानाशाही थोपने के प्रयासों के खिलाफ जनाधिकारों की रक्षा में बिहार का यह राजनीतिक डेवलपमेंट पूरे देश को एक नई दिशा देगा और नए राजनीतिक ध्रुवीकरण का आधार तैयार करेगा.