हमें लैंगिक न्याय और समानता चाहिए, यूसीसी के नाम पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और मुस्लिमों का दानवी-चित्रण नहीं!

भोपाल में भाजपा के बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं को अपने संबोधन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए गरज-तरज करने के ठीक बाद उसी राज्य से एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें सत्ता मदांध भाजपा युवा नेता प्रवेश शुक्ला एक आदिवासी मजदूर दसमत रावत के शरीर पर पेशाब करते दिख रहा था. वह वीडियो साफ दिखलाता है कि मध्य प्रदेश में, जहां भाजपा लगभग दो दशकों से शासन चला रही है, दरअसल किस किस्म की (अ-)नागरिक संहिता व्याप्त है.

महाराष्ट्र ने मोदी के भ्रष्टाचार-विरोधी भाषण के स्वांग को बेनकाब कर दिया है

शिव सेना में दलबदल करवाने के ठीक एक साल बाद मोदी-शाह शासन ने अब नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी को अपना निशाना बनाया है. अजित पवार को एक बार फिर महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. रविवार को हुआ यह उलट-फेर इस मामले में खास तौर पर सनसनीखेज है कि ऐसा मध्य प्रदेश में प्रधान मंत्री मोदी के ‘गारंटी’ भाषण के 72 घंटे के अंदर हो गया जिस भाषण में उन्होंने नाटकीय ढंग से एलान किया था कि अगर विपक्ष भ्रष्टाचार की गारंटी करता है तो मोदी भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गारंटी करेंगे.

मोदी की राजकीय अमेरिका यात्रा ने पूरी दुनिया के सामने उनके शासन के असली चरित्र को बेनकाब कर दिया है

2024 के लोकसभा चुनावों के पहले नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश के अंदर अपनी तेजी से गिरती छवि को सुधारने के लिए अपनी तथाकथित वैश्विक छवि का सहारा ले रहे हैं. जब मणिपुर मई माह की शुरूआत से ही जल रहा है और वहां 100 से ज्यादा लोग मौत के शिकार हो चुके हैं, 200 से ज्यादा चर्चों को जला दिया गया है और 50,000 से ज्यादा लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों में जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे हैं, तब प्रधान मंत्री इस संकट-ग्रस्त राज्य को अधर में लटकता छोड़कर अमेरिका की राजकीय यात्रा पर उड़ गए. उनके 9 वर्षों के शासनकाल में यह उनकी छठी अमेरिका यात्रा थी.

काॅरपोरेट लूट और सांप्रदायिक जहर के जुड़वां रोग से भारतीय अर्थतंत्र को बचाएं

2014 से ही हम भाजपा की चुनावी रैलियों में प्रायः ‘डबल इंजन की सरकार’ का जुमला सुनते रहे हैं. यह मोेदी-शाह की सर्वप्रिय उपमा है जिसके जरिये वे केंद्र की सत्ता पर भाजपाई नियंत्रण के आधार पर राज्यों में वोट बटोरना चाहते हैं. मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) ने अब अर्थतंत्र का वर्णन करने के लिए एक विमानन शब्द का प्रयोग किया है. सीईए वी. अनंत नागेश्वर के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था अब ऑटो-पायलट मोड’ में आ गयी है, और वह 2030 तक लगातार 6.5-7 प्रतिशत की दर से वृद्धि करती रहेगी! मोदी सरकार के 9 वर्षों के अधिकांश समय में हमलोगों ने दीर्घकालिक गतिरुद्धता और गिरावट देखी है.

चक्कों पर कब्रगाह ? – बालासोर दुर्घटना रेलवे सुरक्षा के प्रति मोदी सरकार की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है

ओडिशा में भद्रक जिले का एक बूढ़ा आदमी एक स्कूल कैंपस में रखे सैकड़ों शवों के बीच घूम रहा है. एक एक करके वह उन शवों का चेहरा देखने के लिए उनपर ढंका कपड़ा उठाता है. वह किसे ढूंढ रहा है, पूछने पर वह रोता आदमी टूटी आवाज में कहता है, “मैं अपने बेटे को खोज रहा हूं जो कोरोमंडल एक्सप्रेस में था, लेकिन उसे नहीं देख पा रहा हूं.” उसकी कहानी उन सैकड़ों लागों की कहानियों जैसी है, जिनके परिजन या दोस्त 2 जून की शाम में ओडिशा के बालासोर (बालेश्वर) जिले में भयावह दुर्घटना की शिकार हुई दो रेलगाड़ियों में सवार थे.

कर्नाटक का जनादेश 2023 : संदेश और सबक

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे उनलोगों के लिए भी एक सुखद आश्चर्य के बतौर आए हैं जो भाजपा की हार की उम्मीद कर रहे थे. कर्नाटक जनादेश का असर कांग्रेस की भारी जीत, भाजपा की उतनी ही भारी पराजय और जिन परिस्थितियों में ये नतीजे आए, उसमें स्पष्ट दिखता है.

भाजपा-शासित मणिपुर में जनजातीय असुरक्षा और नृ-जातीय हिंसा

जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर्नाटक के मतदाताओं को चेतावनी दे रहे थे कि उस राज्य में कांग्रेस की जीत से दंगे होने लगेंगे, उसी समय भाजपा-शासित मणिपुर में भयानक नृ-जातीय हिंसा भड़क उठी जिसमें संगठित दंगे के सभी चिन्ह दिख रहे थे. भाजपा-शासित राज्यों के लिए हमेशा ‘डबल इंजन की सरकार’ शब्द का इस्तेमाल करने वानी केंद्र सरकार ने धारा 355 का इस्तेमाल कर डबल इंजन-चालित मणिपुर की सत्ता हथिया ली और ‘देखते ही गोली मार देने’ का आदेश जारी कर दिया.

कर्नाटक चुनाव फासिस्टों को निर्णायक चोट दे !

महत्वपूर्ण लोकसभा चुनाव, 2024 के पहले इस वर्ष छह और विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं जिसकी शुरूआत 10 मई को कर्नाटक विधानसभा चुनाव से होगी. पिछले कुछ दशकों से कर्नाटक इस फासिस्ट ब्रिगेड के दक्षिणी अभियान के लिए मुख्य प्रयोगस्थली के बतौर उभरा है. 2014 में केंद्र की सत्ता पर मोदी के काबिज होने के बाद इन फासिस्ट शक्तियों का मनोबल काफी बढ़ा है और उन्हेंने प्रख्यात तर्कवादी चिंतक एमएम कलबुर्गी तथा कार्यकर्ता पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या करके अपनी मंशा को उजागर कर दिया है.

शिक्षा के नाम पर प्रचार : एनसीईआरटी के पाठ्यक्रमों पर निरंतर हमला

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इतिहास पाठ्यपुस्तक के ‘थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री - पार्ट 2’ से ‘किंग्स एंड क्रोनिकल्स : मुगल दरबार (16वीं और 17वीं शताब्दी)’ वाले अध्याय को हटा दिया है. यह बदलाव काफी दुखद है क्योंकि मुगल प्रशासकीय एकीकरण ने भारत के भौगोलिक और सांस्कृतिक नक्शा –  जैसा कि आज हमारे सामने है –  को शक्ल देने में मुख्य भूमिका निभाई थी.