कोयला उद्योग में जन-जागरण अभियान की रिपोर्टिग

एआईसीसीटीयू के राष्ट्रव्यापी जन जागरण अभियान के मद्देनजर कोयला उद्योग में भी अभियान चलाने का काम किया गया। इस दौरान ईसीएल के मुगमा एरिया के हड़ियाजाम, श्यामपुर-बी, चांपापुर, लखीमाता कोलियरियों में गेट मीटिंग किया गया और आम सभा की गई और अभियान चलाने के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बात रखी गई। यह कार्यक्रम बीसीसीएल के दहीबाड़ी कोलियरी में भी चलाया गया, वहां भी आम सभा की गई. इसी दौरान सीसीएल में रविवार और उसके बदले स्टगर्ड रेस्ट देने पर तथा मजदूरों को अन्यत्र स्थानान्तरण करने पर संयुक्त रूप से हरेक कोलयरी में सभा की गई और आन्दोलनात्मक कार्यक्रम चलाये गये। कोयला मजदूरों के अन्दर केन्द्र सरकार और कोल इंडिया प्रबन्धन के खिलाफ पूरा गुस्सा है. इस संयुक्त अभियान में कथारा कोलियरी और कथारा वाशरी, स्वांग कोलियरी और स्वांग वाशरी, जारंगडीह व गोविन्दपुर कोलियरी में चलाया गया. इस संयुक्त अभियान में सीएमडब्लूयू (ऐक्टू) की अग्रणी भूमिका रही।

मजदूरों की सभा में जो मुख्य मुद्दे उठाये गये उनमें प्रमुख थे भाजपा भगाओ देश बचाओ, भाजपा भगाओ लोकतंत्र बचाओ, फासीवाद हो बर्बाद, लोकतंत्र को करो आबाद, कम्पनी राज नहीं चलेगा। अन्य मुद्दे थे - श्रम कानून को खत्म कर चार कोड लाना नहीं चलेगा, देश में असहमति के अधिकार को खत्म करना नहीं चलेगा, कोयला उद्योग सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण करना नहीं चलेगा, 10 प्रतिशत शेयर कोयला उद्योग को फिर से बेचना नहीं चलेगा, कोयला उद्योग में सरप्लस के नाम पर मजदूरों की छंटनी और स्थानान्तरण करना नहीं चलेगा। इन मुद्दों के साथ कुछ स्थानीय मुद्दे भी थे, जिनमें नई खदानों को खोलना, बोनस भुगतान, कल्याणकारी योजनाओं को लागू करना, पदनाम देना आदि शामिल था। इस अभियान में मुख्य रूप से शामिल थे। ईसीएल से का. उपेन्द्र सिंह, कृष्णा सिंह, जगदीश शर्मा, हरेन्द्र सिंह, मुख्तार अंसारी, बीसीसीएल से मनोरंजन मल्लिक, एल.एन. दास, फागु कुमार, नगेन महतो, माणिक मण्डल, सीसीएल के साथियों में प्रमुख थे बालेश्वर गोप, बालगोविन्द मण्डल, राजदेव चैहान, अजय रविदास, लीलमोहन महतो तथा अन्य। ईसीएल में यह अभियान पहले समयाभाव के कारण सभी जगह नहीं चलाया जा सका था, इसलिए यह अभियान जारी रखा गया है और नवम्बर माह में मुगमा एरिया पर प्रदर्शन का कार्यक्रम भी तय किया गया है।

वर्ष27
अंक45