कामरेड पन्नू लाल राय अमर रहें

15 फरवरी 2022 को पटना जिले के बैरिया गांव निवासी भाकपा(माले) नेता का. पन्नू लाल राय (76 वर्ष) कीे लंबी बीमारी की वजह से अस्पताल में इलाज के दौरान मुत्यु हो गई. अगले दिन दस बजे उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए.

न्यूनतम मजदूरी-पहचान पत्र की मांग पर रेल निर्माण मजदूरों का आंदोलन

विगत 23 फरवरी 2022 को बारीडीह मौजा कार्यस्थल में रेलवे निर्माण में कार्यरत मजदूरों की बैठक संपन्न हुई. बैठक में मजदूरों ने बताया कि वे पिछले 4 सालों से रेलवे सुरंग निर्माण के कार्य में मजदूरी कर रहे हैं लेकिन उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता. विदित हो कि झारखंड राज्ये के कोडरमा से रांची बाया बरकाकाना रेलवे निर्माण का कार्य ओनीकोन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के द्वारा कराया जा रहा है. सुरंग निर्माण के कार्य में कार्यरत मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तो नहीं ही दी जा रही, उनको पहचान पत्र भी निर्गत नहीं किया गया है.

पंजाब में डीटीसी श्रमिकों का अभियान

अपनी मांगों को अनसुनी करने के चलते दिल्ली सरकार से निराश और गुस्साए डीटीसी श्रमिकों ने उनके झूठे वादों को बेनकाब करने के लिए उन श्रमिकों ने ‘पोल खोल’ अभियान संगठित किया. ऐक्टू से संबद्ध डीटीसी वर्कर्स युनिटी सेंटर ने इस मुहिम का नेतृत्व किया. 4 दिनों तक चला यह अभियान पटियाला, सूनम, फिरोजपुर, हुसैनवाला, अमृतसर और अन्य कई जगहों पर गया और इसके अंत में 16 फरवरी को मोहाली में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया. इस अभियान के दौरान पंजाब के लोगों को दिल्ली के मुखमंत्री की वादाखिलाफी और मजदूरों के प्रति उनकी गद्दारी से अवगत कराया गया.

डीटीसी ठेका श्रमिकों ने केजरीवाल सरकार को चेतावनी दी

डीटीसी वर्कर्स युनिटी सेंटर ने डीटीसी श्रमिकों की समस्याओं और केजरीवाल सरकार की वादाखिलाफी को लेकर 2-10 फरवरी तक मजदूरों के बीच अभियान चलाया. 10 फरवरी को डीटीसी प्रबंधन और दिल्ली सरकार को चेतावनी देते हुए यह अभियान समाप्त हुआ. इस अभियान के दौरान डीटीसी के सभी डिपो पर पेस्टर लगाए गए और 24 गेट मीटिंग संगठित की गईं.

अखिल भारतीय किसान महासभा का प्रमंडल स्तरीय कैडर कन्वेंशन

अखिल भारतीय किसान महासभा के झारखंड राज्य सम्मेलन की तैयारी को लेकर मेदिनीनगर, नागलोक भवन में भाकपा(माले) का प्रमंडलीय स्तरीय कैडर कन्वेंशन किया गया. कन्वेंशन की शुरूआत किसान आंदोलन में शहीद हुए साथियों को याद करते हुए एक मिनट का मौन रख कर की गई.

भाकपा(माले) का पंचायत सम्मेलन

विगत 23 फरवरी 2022 को कन्हैयागंज गांव में भाकपा(माले) का तीसरा सोनियावां पंचायत सम्मेलन संपन्न हुआ. सम्मेलन के मुख्य वक्ता भाकपा(माले) के जिला सचिव का. सुरेंद्र राम ने कहा कि अभी एक ओर जहां केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष में ‘अमृत महोत्सव’ मनाया जा रहा है, वहीं बिहार में जदयू-भाजपा के राज में आजादी आंदोलन के नेता महात्मा गांधी की मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं. बिहार में विगत 10 दिनों में तीन जगहों पर  महात्मा गांधी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया. यह बहुत ही शर्मनाक है.

शराबबंदी के नाम पर दलितों-गरीबों की पताड़ना के खिलाफ प्रदर्शन

शराबबंदी के नाम पर पुलिस द्वारा दलितों-महादलितों व गरीबों को तंग-तबाह करने तथा गिरफ्तार करने के खिलाफ भाकपा(माले) ने विगत 18 फरवरी को मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष जोरदार पर प्रदर्शन आयोजित किया. प्रदर्शन के पूर्व हरिसभा स्थित भाकपा(माले) कार्यालय से झंडा-बैनर और जोरदार नारों के साथ शहर में प्रतिवाद मार्च भी निकाला गया. इस प्रतिवाद मार्च में बड़ी संख्या में पुलिस प्रताड़ना से तबाह महादलित मांझी व अन्य समुदाय की महिलाएं भी शामिल थीं.

कुर्था में छात्र-युवा संवाद का आयोजन

इनौस के राज्यव्यापी आह्वान के तहत विगत 24 फरवरी 2022 अरवल जिले के कुर्था बस स्टैंड में छात्र-युवा संवाद का आयोजन किया गया. संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद आइसा के राष्ट्रीय महासचिव व पालीगंज के विधायक का. संदीप सौरभ ने इसे संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश-मोदी की डबल इंजन सरकार छात्र-युवा विरोधी व रोजगार विरोधी है. इस सरकार ने पिछले विधानसभा चुनाव में घोषणा किया था कि बिहार में अगर उसकी सत्ता बनेगी तो 19 लाख नौजवानों को रोजगार देगी. लेकिन आज तक यह सरकार एक भी नौजवान को रोजगार नहीं दे पाई.

श्रमिक बस्तियों में सुविधाओं की मांग

मजदूर संगठन ऐक्टू और महिला संगठन ऐपवा ने 16 फरवरी को दौसा में लेबर चौक से लेकर समाहरणालय तक एक मार्च आयोजित किया जिसके अंत में प्रतिवाद सभा की गई. इस मौके पर बोलते हुए ऐपवा की जयपुर जिला सचिव मंजुलता ने कहा कि रामनगर और सत्कार काॅलोनी जैसी बस्तियां दो दशकों से मौजूद हैं, लेकिन वहां पेय जल, सड़क, नाली, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. इनमें से कुछ बस्तियां पंचायतों में और कुछ बस्तियां नगर निकायों के अंतर्गत आती हैं, और इन दानों की सीमाओं को लेकर लगातार विवाद चलते रहते हैं.

पसौर (भोजपुर) के शहीदों को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी

21 फरवरी 1998 को भोजपुर जिले के पसौर गांव (चरपोखरी प्रखंड) में पुलिसिया बर्बरता के शिकार हुए शहीद हुए 54 महादलितों की याद में शहीद स्मारक का शिलान्यास करते हुए अखिल भारतीय लाॅयर्स एसोसिएशन फाॅर जस्टिस के राष्ट्रीय संयोजक क्लिफ्टन डी रोजोरियो ने कहा कि पसौर गांव के शहीदों को न्याय व सम्मान दिलाने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.

का. क्लिफ्टन घटना की 24वीं बरसी पर विगत 21 फरवरी 2022 को शहीद स्मारक के शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे.