रिपोर्ट

डिटेंशन कैम्प में हुई मौतों एवं एनआरसी के खिलाफ देशव्यापी प्रतिवाद

डिटेंशन कैम्पों में लगातार हो रही मौतों के खिलाफ भाकपा(माले) के आह्नान पर गत 6 नवम्बर 2019 को देशव्यापी प्रतिवाद प्रदर्शन कार्यक्रम हुए. भाकपा(माले) ने इन डिटेंशन कैम्पों को हिटलर के कन्संट्रेशन कैम्पों का नया संस्करण बताया है और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का समूचे भारत में विस्तार करने तथा साम्प्रदायिक आधार वाले नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) लाने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है.

दिल्ली में खतरनाक वायु प्रदूषण

दिल्ली का यह शरत काल भारी धुंआ व प्रदूषण के चलते सबसे बुरा बीता है. दिल्ली के लोग पिछले तीन वर्षों से इसके चलते ठीक ढंग से सांस नहीं ले पा रहे हैं. इस वर्ष भी यह समस्या जारी है और प्रदूषण अपनी तमाम सीमाएं पार कर गया है. वायु प्रदूषण और मौसमी अतिशयता एक किस्म का वर्ग युद्ध ही है. गरीब और वंचित लोग ही इसके सर्वाधिक शिकार होते हैं, जबकि जलवायु प्रदूषण के लिये वे जिम्मेवार नहीं हैं. धनी और सुविधा संपन्न लोग तो मास्क और अन्य वायु शोधकों का इस्तेमाल कर सुरक्षित रह जाते हैं, लेकिन गरीब लोग मौत के मुंह में चले जाते हैं.

आरसीईपी के विरोध में किसानों का देशव्यापी मार्च : आन्दोलन के दबाव में आरसीईपी से बाहर रहने को मजबूर हुई सरकार

एआईकेएससीसी के आह्वान पर गत 4 नवम्बर 2019 को क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (रीजनल कांप्रीहेन्सिव इकनाॅमिक पार्टनरशिप या आरसीईपी) में भारत के शामिल होने के इरादे के विरोध में समूचे देश में किसान संगठनों द्वारा विरोध मार्च किया गया. उसी दिन आरसीईपी के शिखर सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थाईलैण्ड की राजधानी बैंकाॅक गये थे.

‘महिला उत्पीड़न और हमारी भूमिका’ विषय पर कन्वेंशन

ऐपवा द्वारा ‘महिला उत्पीड़न और हमारी भूमिका’ विषय पर एक कन्वेंशन का आयोजन बैरनबाजार, रायपुर में 2 नवम्बर को किया गया. कन्वेंशन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने हिस्सा लिया.

कन्वेंशन को का. उमा नेताम, मनीषा, गुणवती बघेल, सुमन साहू, नम्रता पटेल, चन्द्रिका  कौशल, राजकुमारी, मीना कोसरे, सुहद्रा धृतलहरे, वदना बैरागी आदि महिला नेताओं के साथ ही भाकपा(माले) नेता का. नरोत्तम शर्मा, ऐक्टू के नेता का. अशोक मिरी और का. अर्चना एडगर आदि ने संबोधित किया.

छात्र कार्यकर्ताओं की बैठक

25 अक्टूबर 2019 को त्रिची में तमिलनाडु के आठ जिलों के विभिन्न काॅलेजों से आने वाले छात्रों ने एक बैठक कर हैदराबाद में आयोजित होने वाले आइसा के आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने के योजना बनाई. इस बैठक को आइसा के राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ ने सम्बोधित किया.

रेलवे के निजीकरण के खिलाफ बिहार में छात्र-युुवा आंदोलन

मोदी-2 शासन में रेलवे के निजीकरण और नौकरियों को लगातार खत्म किए जाने के खिलाफ अंततः छात्र-युवाओं का लंबे समय से संचित हो रहा आक्रोश फूट पड़ा. विगत 25 अक्टूबर को सासाराम में लगभग तीन हजार छात्रों ने उग्र आंदोलन किया. 11 बजे दिन से शुरू हुए आंदोलन के दौरान छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती गई. छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े गए. फिर भी छात्र रेलवे ट्रैक पर जमे रहे. इस दौरान गया-मुगलसराय रेलखंड पर पांच घंटे तक ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा.

विजेंद्र अनिल का 12वां स्मृति दिवस मनाया गया

विगत 3 नवंबर 2019 को जन संस्कृति मंच की ओर से जनगीतकार और कथाकार विजेंद्र अनिल के 12वें स्मृति दिवस पर आरा के एएसएल इंगलिश क्लासेज, पकड़ी में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ. इसकी अध्यक्षता कवि-आलोचक जितेंद्र कुमार, प्रो. बलिराज ठाकुर और रंगकर्मी अंजनी शर्मा ने की और संचालन सुधीर सुमन ने किया.

हत्यारे-बलात्कारियों के लिए सजा की मांग

पटना जिले के कररिया (मसौढ़ी) में भाकपा(माले) ने 24 अक्टूबर 2019 कोएक जनसभा आयोजित कर वहां बलात्कार व हत्या की शिकार हुई पूजा कुमारी के हत्यारों व बलात्कारियों को कठोर सजा देने की मांग की. सभा में ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव का. मीना तिवारी, पूर्व सांसद व वरिष्ठ पार्टी नेता का. रामेश्वर प्रसाद, खेग्रामस के राज्य सचिव का. गोपाल रविदास, ऐक्टू के नेता का. कमलेश कुमार, ऐपवा नेत्री अनिता सिन्हा व जिला अध्यक्ष का. लीला वर्मा, जिले के माले नेता सत्यनारायण प्रसाद, नागेश्वर पासवान, संजय पासवान व दिनेश चौधरी, लोकप्रिय मुखिया का.

सीतापुर में ऐपवा का जिला सम्मेलन

सीतापुर (उत्तरप्रदेश) में ऐपवा का तीसरा जिला सम्मेलन शहर के लालबाग में 26 अक्टूबर को सम्पन्न हुआ. सम्मेलन स्थल का नाम का. रमा गैरोला सभागार रखा गया और सम्मेलन को कामरेड तारावती की स्मृति को समर्पित किया गया. सम्मेलन में प्रस्तुत सांगठनिक रिपोर्ट पर चर्चा व उसे पारित करने के बाद 13 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया. का. सरोजिनी को अध्यक्ष व का. गीता को जिला सचिव चुना गया. सम्मेलन में 150 से अधिक महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

आइसा का अनिश्चितकालीन अनशन

छात्रवृत्ति, हाॅस्टल समेत विभिन्न मांगों को लेकर विगत 29 अक्टूबर 2019 से आइसा ने पलामू जिला के डाल्टनगंज समाहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है. ज्ञात हो कि आइसा इससे पहले भी छात्रवृत्ति को लेकर कल्याण विभाग के पदाधिकारी से मिला था. 3 अक्टूबर को विश्वविद्यालय से समाहरणालय तक मार्च निकाला गया था, उस समय चंद दिनों के लिए छात्रवृत्ति के लिये आवेदन की तिथि बढ़ाई गई थी. 24 अक्टूबर को पुनः आइसा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिले, लेकिन राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बहुतेरे छात्रों का प्रमाण पत्र नहीं बन पाया.