परंपरागत अधिकारों की पुनर्बहाली के लिए आंदोलन तेज करेगा आदिवासी संघर्ष मोर्चा

‘वन अधिकार कानून 2006 लागू करो-घरेलू काम के लिए पहाडी़ और जंगली नदियों से बालू-पत्थर निकासी की छूट दो’ की मांग के साथ धरना

पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटांड़ में 19 अक्टूबर 2022 को और गौनाहां में 21 अक्टूबर 2022 को प्रखंड विकास पदाधिकारी के समक्ष ‘आदिवासी संघर्ष मोर्चा’ के बैनर से 5 सुत्री मांगो को लेकर धरना दिया गया. बाद में पांच सदस्यी प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को मुख्यमंत्री, पटना, बिहार सरकार के नाम मांगपत्र सौंपा.

कन्नौज की नाबालिग बलात्कार पीड़िता को न्याय मिले

खबरों के अनुसार, 12 साल की बच्ची दीपावली की पूर्व संध्या पर, 23 अक्टूबर 2022 को, कन्नौज के सरकारी गेस्ट हाउस के पास झाड़ियों में खून से लथपथ पड़ी मिली थी. सीसीटीवी फुटेज से पहचान हो जाने के बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से आजाद हैं.

उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण व बिजली बिल में धांधली के खिलाफ आंदोलन

उत्तर प्रदेश के निवासियों को देश में सबसे अधिक महंगी बिजली दी जाती है. फिर भी बिजली वितरण कंपनियों ने लगभग 100 करोड़ रूपए उपभोक्ताओं से लॉग बुक में तय रेट से अधिक की वसूली कर लूट लिया है. राज्य का विद्युत नियामक बोर्ड इस राशि को उपभोक्ताओं को वापस लौटाने हेतु निजी कंपनियों के निदेशकों को बार-बार आदेश दे रहा है, लेकिन ये कंपनियां इतनी ताकतवर हैं कि विद्युत नियामक बोर्ड के आदेश पर भी वे टस से मस नहीं हो रही हैं. उल्टे सबके बाद भी बिजली विभाग पुलिस को साथ में लेकर गरीबों के घरों और गरीब बस्तियों की बिजली काटने का अभियान चला रहा है.

एनपीएस के खिलाफ संघर्ष जिंदाबाद!

राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड के बाद अब पंजाब में पुरानी पेंशन योजना की बहाली हुई है. यह एनपीएस व निजीकरण के खिलाफ संघर्ष की जीत है और जरूर ही इसमें वहां के स्थानीय संघर्ष की एक बडी भूमिका रही है. लेकिन हमें इस जीत का जश्न बनाते हुए यह बात जरूर याद रखनी होगी कि जब हमें यह जीत हासिल हुई तो वहां शासन कर रही सरकार किसकी थी.

युवतियों के हितों पर कुठाराघात

उत्तराखंड की महिला अभ्यर्थियों को राज्य की सेवाओं में मिलने वाला 30% क्षैतिज आरक्षण, उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा निरस्त कर दिया गया. उसके बाद उच्च न्यायालय द्वारा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा पीसीएस परीक्षा की मेरिट रिवाइज करने को कहा गया और एक अन्य याचिका के आधार पर उत्तराखंड की अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं को मिलने वाला आरक्षण न दिये जाने का आदेश कर दिया गया.

जोर पकड़ रही है खेग्रामस के 7वें राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी

अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) का 7वां राष्ट्रीय सम्मेलन पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िला के चन्दन नगर में 14-15 नवंबर को होने जा रहा है. नगर का नामकरण कनाई दत्त, रासबिहारी बोस और नजरुल इस्लाम के नाम पर किया गया है. खेग्रामस के दिवंगत सम्मानित राष्ट्रीय अध्यक्ष क्षितीश विस्वाल को सम्मेलन का मंच समर्पित है. पार्टी के दिवंगत वरिष्ठ नेता डीपी बक्शी के नाम पर सभागार होगा. सम्मेलन गंगा के किनारे रविन्द्र भवन में होगा.

उचित मजदूरी के लिए बीड़ी मजदूरों का आंदोलन

बिहार के जमुई जिले में चार लाख बीड़ी मजदुर हैंसबसे अधिक संख्या महिलाओं की है जो 12-14 घंटा काम कर मात्र 70-90 रूपये मजदूरी पाती हैं

भोजपुर के पवना में सड़क पर स्कूल आंदोलन

‘हमें कोई नही पढ़ाता है तो हम लोग कैसे आगे बढ़ेंगे? हमारे स्कूल में सिर्फ एक कमरा है जिसमें 6, 7, 8 तीन क्लास चलता है. जब हम पढ़ेंगे नहीं तो आगे कैसे बढ़ेंगे, हम पढ़ेंगे तब ही न आगे बढ़ेंगे! सिर्फ ट्यूशन से हो जाएगा? अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए चिंतित व सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती 8वीं क्लास की छात्र सिमरन सड़क पर स्कूल आंदोलन में रोते हुए अपनी बातें रखती है.

उत्तर प्रदेश में लगातार तेज होता जा रहा आशा वर्कर्स आंदोलन

उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन (संबद्ध ऐक्टू) ने 6 माह तक चले धारावाहिक आंदोलन के अंतिम चरण में जिला मुख्यालयों पर ‘दस्तक दो’ कार्यक्रम के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यालय के सामने प्रदर्शन के साथ अपने आंदोलन का समापन किया.