श्रद्धांजलि

कामरेड प्रेमराम टम्टा

भाकपा(माले) के वरिष्ठ साथी और बिन्दुखत्ता भूमि संघर्ष के नेतृत्वकारी साथियो में शामिल कामरेड प्रेम राम टम्टा का विगत 2 नवंबर को निधन हो गया.

गोलीकांड के शहीदों की 31वीं बरसी

30 अक्टूबर, 1988 को पुलिस जुल्म के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग की घटना जिसे ‘घुटुवा पुलिस गोलीकांड’ के रूप में जाना जाता है, में शहीद रिझनी देवी, बलकहिया देवी व रामप्रसाद महतो तथा घुटुआ आंदोलन के नेता काॅ. मानकुंवर बेदिया को याद किया गया. वरिष्ठ नेता का. हीरा गोप ने झंडोत्तोलन किया. उसके बाद सभी ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण किया. शहीद सभा का संचालन का. देवानंद गोप ने किया.

कामरेड पारस सिंह यादव

बीते 27 अक्टूबर की रात भोजपुर जिले के पीरो प्रखंड के जानटोला गांव में अपराधियों ने लाठी-डंडे से पीट-पीट कर माले नेता का. पारस की हत्या कर दी. वे मछली मारने को लेकर हुए विवाद में समझौता कराने गए थे. पारस जी पार्टी के पुराने सदस्य थे, एक सक्रिय और प्रतिबद्ध साथी थे.

कामरेड जयदेव हेम्ब्रम

19 अक्टूबर 2019 को धनबाद जिले में भाकपा(माले) की पूर्वी गोविन्दपुर लोकल कमेटी के सदस्य का. जयदेव हेम्ब्रम (उम्र 40 वर्ष) का आकस्मिक निधन हो गया. पोखर में स्नान करते मिर्गी का दौरा आने से वे पानी में डूब गए. वे एक पुराने कार्यकर्त्ता थे. वे गोविंदपुर में पार्टी निर्माण के शुरूआत में ही पार्टी से जुड़े और हमेशा समर्पित व निष्ठावान रहे. उनके मृत्यु की सूचना पाते ही स्थानीय नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनके गांव (देवली) पहुंच कर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दिया.

का. सियाराम यादव

30 अक्टूबर को का. सियाराम यादव (उम्र 50 वर्ष) का बिमारी के कारण असमय निधन हो गया. वे सीवान जिले के सिसवन प्रखंड लीडिंग टीम के सदस्य थे.

उपरोक्त सभी दिवंगत व शहीद साथियों को लोकयुद्ध की ओर से क्रांतिकारी लाल सलाम!

कामरेड रामबल्लव प्रसाद सिंह

विगत 26 अक्टूबर 2019 को का. रामबल्लव प्रसाद सिंह का बिमारी की वजह से निधन हो गया. कामरेड रामबल्लव बाबू 70 के दशक से ही कम्युनिस्ट आंदोलन में सक्रिय रुप से जुड़े हुए थे. 1963 में भाकपा छोड़कर वे माकपा में आए और 1967 के नक्सलबाड़ी आंदोलन के प्रभाव में सुपौल में वैनगार्ड ग्रुप से जुड़कर छात्रों और बुद्धिजीवियों को संगठित करने लगे. सरकारी सेवा में आने के बाद वे कर्मचारी आंदोलन में सक्रिय भूमिका में रहे. 90 के दशक में वे पुनः भाकपा(माले) और आईपीएफ से जुड़े. उन्होंने सहरसा व सुपौल जिले में पार्टी निर्माण में सक्रिय योगदान किया. वे पार्टी के पटना महाधिवेशन में डेलिगेट भी थे.

सामाजिक बदलाव के महानायक काॅ. रामनरेश राम की स्मृति में संकल्प सभाओं का आयोजन

सामाजिक बदलाव के महानायक, मजदूर-किसानों व समाज के शोषित-वंचित तबके के लोकप्रिय नेता तथा भाकपा-माले के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे काॅमरेड रामनरेश राम की 9 वीं स्मृति दिवस पर पूरे राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया गया. भाकपा-माले राज्य कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य काॅमरेड रामजी राय, समकालीन जनमत के संपादक का.

का. योगेश्वर गोप को याद किया

24 अक्टूबर 2019 को बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) की ओर से पटना व भोजपुर सहित कई जिलों में महासंघ के संस्थापक एवं क्रांतिकारी मजदूर आंदोलन के नेता का. योगेश्वर गोप के बारहवें स्मृति दिवस के मौके पर संकल्प सभा आयोजित हुई. महासंघ के राज्य कार्यालय (पुनाईचक, पटना) में आयोजित संकल्प सभा को अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राष्ट्रीय महासचिव का. धीरेन्द्र झा, माकपा के पूर्व जिला सचिव का. रासबिहारी सिंह, महासंघ (गोप गुट) के राज्य महासचिव का. प्रेमचन्द कुमार सिन्हा, बिहार राज्य पथ एवं भवन निर्माण विभाग कर्मचारी संघ के महासचिव का.

कामरेड गुरुदास दासगुप्ता

एआइटीयूसी के पूर्व महासचिव, वरिष्ठ सांसद और बीमा कर्मचारियों के लोकप्रिय नेता कामरेड गुरुदास दासगुप्ता का गत 31 अक्टूबर 2019 को 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. छात्र जीवन में ही कामरेड गुरुदास ने कम्युनिस्ट आंदोलन में भागीदारी की शुरूआत की थी और वे सारी जिंदगी धर्मनिरपेक्षता एवं लोकतंत्र तथा मजदूरों के अधिकारों के लिये अनथक योद्धा के बतौर संघर्षरत रहे. उनका निधन एक ऐसे दिन हुआ जब भारत के मजदूर वर्ग के पहले संगठन एआईटीयूसी के गठन के ऐतिहासिक सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं.