संपादकीय

दरांग नरसंहार के जिम्मेदार असम के मुख्यमंत्री इस्तीफा दें


इन दिनों भारत में भीड़-हिंसा (माॅब लिंचिंग) गैर-न्यायिक हिंसा का शायद सबसे भयावह रूप बनकर उभरा है. असम में दरांग जिले के धौलपुर गांव के वीडियो ने हमें दिखाया है कि हिंसा कितनी अकल्पनीय रूप से  कंपकंपा देने वाली और अमानवीय हो सकती है, जब भीड़ और राज्य के सशस्त्र बलों के बीच पहले से ही धुंधला पड़ता फर्क पूरी तरह से गायब हो जाता है, जब सशस्त्र पुलिसकर्मी खुद भीड़ की तरह व्यवहार करते हैं और एक निहत्थे व्यक्ति की हत्या का जश्न मनाते हैं और उसका बेजान शरीर एक पुलिस फोटोग्राफर के लिए जश्न मनाने, छलांग लगाने और कूद-कूद कर लात मारने का एक प्लेटफाॅर्म बन जाता है.

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं के नफरतभरे भाषणों और उनकी धमकियों के खिलाफ कदम उठाने में निर्वाचन आयोग नाकाम रहा

 

लगता है कि पश्चिम बंगाल में जो एक माह व्यापी चुनावी कार्यक्रम आजकल जारी है, उसमें केन्द्रीय सशस्त्र बलों, निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच चिंताजनक गठजोड़ उसकी मुख्य विशिष्टता बन गया है.

दांव पर लोकतंत्र: भाजपा के फासिस्ट आक्रमण को मुंहतोड़ जवाब दें!

 

पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव ज्यों-ज्यों अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं, अनेक घटनाएं आज के अत्यंत जरूरी राजनीतिक सरोकारों को सामने ला रही हैं.