वर्ष - 28
अंक - 35
17-08-2019

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व वेला में अलवर की अपर जिला अदालत द्वारा पहलू खान हत्या मामले में सभी आरोपियों को बरी कर देने का फैसला आया है. पहलू खान को 1 अप्रैल 2017 को बहरोड़ में गाय के नाम पर गुंडागर्दी कर रहे अनेक लोगों ने पकड़ कर बूरी तरह पीटा जब वह हटवाड़ा रामगढ़, जयपुर जिला से 45 हजार रूपये में दो गायें खरीदकर अपने बेटे व अन्य साथियों के साथ अपने गांव जयसिंहपुर, तहसील नूह, जिला मेवात, हरियाणा लौट रहे थे. उनके साथ अजमत भी थे जिन्होंने 70 हजार में दो गायें खरीदी थी. उनके साथ रफीक, इर्शाद व आरिफ भी थे. इन पांचो को बुरीतरह से मारा-पीटा गया था, पहलू खान को बहुत गंभीर चोटें आई थीं, उनकी 11 पसलियां टूट कर फेफडों में जा घुसी थीं. अजमत के रीढ की हड्डी, दोनो आंखों व सिर पर चोट आई थी. रफीक के कान व नाक में गंभीर चोटें आई थीं. पहलू खान की मौत 4 अप्रैल 2017 को कैलाश अस्पताल में हुई थी. राजस्थान पुलिस ने उन्हें जयपुर तक रेफर नहीं किया. पहलू खान ने जो नाम अपने फर्द बयान में लिये थे उन्हें पुलिस ने जांच के बाहर ही कर दिया था. सिर्फ 6 वयस्क मुल्जिमों का ट्रायल व सुनवाई अलवर की अपर जिला अदालत में की हुई. अन्य 3 नाबालिग मुल्जिमों की सुनवाई बाल अपराध न्यायालय अलवर में हो रही है.

राजस्थान पुलिस ने दो चालान दायर किए. पहला, 31 मई 2017 को व दूसरा 28 अक्टूबर 2017 को. ये बहुत ही कमजोर थे. आरोप है कि कोटपुतली के अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक राम स्वरूप शर्मा जो इस मामले के जांच अधिकारी थे, ने सही जांच नहीं किया और राजनैतिक दबाव में आकर कमजोर चालान दायर किया. उच्च पुलिस अधिकारी भी इस मामले में पूर्णरूप से शामिल थे. राजस्थान पुलिस ने जानबूझ कर उन दो वीडियो जिसमें पहलू खान को बेहरमी से पटक-पटक कर मारा जा रहा थाइ और जो मुख्य साक्ष्य थे, उनकी एफ.एस.एल. जांच नहीं करवाई और वीडियो बनाने वाले को गवाह के रूप में पेश नही किया. इतना ही नहीं, मुल्जिमों की पहचान परैड भी नहीं करवाई गई.

अदालत का यह फैसला गौरक्षा के नाम पर कानून को हाथ में लेकर मुसलमानों को निशाना बनाने और उनकी हत्या कर देनेवाले गौ-गुण्डों का हौसला बढ़ानेवाल है. इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया हैं कि इस देश में गाय के नाम पर जो मारा जायेगा उसको न्याय नहीं मिलेगा. जिस मामले में न्याय की मांग को लेकर देशभर से लोग खड़े हुए थे, उस मसले में सभी आरोपियों का बरी हो जाना बेहद चिंताजनक है.