वर्ष - 32
अंक - 34
19-08-2023

बेतिया (बिहार) में ऑल इंडिया लाॅयर्स एसोसिएशन फाॅर जस्टिस (आइलाज) की बैठक विगत 18 अगस्त 2023 को सम्पन्न हुई. बैठक के मुख्य अतिथि बेंगलुरु हाईकोर्ट के अधिवक्ता और ऑल इंडिया लाॅयर्स एसोसिएशन फाॅर जस्टिस के महासचिव क्लिफ्टन डी. रोजारियो ने कहा कि आज न्यायालयों में लगभग 80% अधिवक्ता, दो साल के अभ्यास के अनुभव के साथ, केवल 5,000 से 15,000 रुपये के बीच मासिक कमाते हैं. दलितों, आदिवासियों और अन्य सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की महिला अधिवक्ताओं और अधिवक्ताओं को अवसरों और भेदभाव का सामना करना पड़ता है, और यह न्यायपालिका में उनकी अनुपस्थिति में प्रकट होता है.

उन्होंने कहा कि आइलाज ने  भारत के मुख्य न्यायाधीश और बार कौंसिल ऑफ इंडिया को मांग पत्र सौंप कर जूनियर अधिवक्ताओं, प्रथम पीढ़ी के अधिवक्ताओं, महिला अधिवक्ताओं और दलित, आदिवासियों और अन्य सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के अधिवक्ताओं के साथ भेदभाव और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए एक व्यापक कल्याण योजना को तैयार करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जिसमें इन वर्गों के प्रति वित्तीय सहायता और विशेष सुरक्षा शामिल हैं. आइलाज ने कहा है कि हर कोर्ट परिसर में लिंग संवेदनशीलता के लिए और यौन उत्पीड़न के खिलाफ समिति का गठन किया जाए, साथ ही मांग की है कि पुलिस और अन्य राज्य एजेंसियों से शारीरिक उत्पीड़न, हत्या, अवैध गिरफ्तारी और धमकियों के बढ़ते उदाहरणों का संज्ञान लेने के लिए एक वकील संरक्षण कानून लागू किया जाए. उन्होंने बिहार में भी राजस्थान सरकार की तर्ज पर अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम पारित करने की मांग को दुहराया.

बैठक में शामिल अधिवक्ताओं – अब्दुल हई अख्तर और प्रमोद गुप्ता, गणेश गुप्ता, तनवीर अख्तर, कमलेश कुमार वर्मा, विजय बहादुर सिंह, चन्द्रदेव राम, जमील अहमद, सर्वेन्द्र यादव, दिनेश प्रसाद, शशिभूषण श्रीवास्तव, इम्तियाज आलम, अजय यादव, अशोक कुमार, दीनबंधु पासवान, आदित्य स्वरूप, विनोद कुमार, रेयाजूल अंसारी, कमलेश यादव, अजय कुमार राय, धर्मरत रवि आदि ने जिले से जुड़े सवालों को रखा और राज्य और केंद्र स्तर पर मौजूद सवालों पर आंदोलन खड़ा करने का संकल्प लिया.