कामरेड महावीर हांसदा को लाल सलाम

8 सितंबर को पार्टी के आदिवासी नेता और झारखंड जन संस्कृति मंच की संताली टीम अंजोम के प्रमुख सांस्कृतिक संगठक रहे का. महाबीर हांसदा (48 वर्ष) का बीमारी से निधन हो गया. वे रांची के मेडिका अस्पताल में इलाज के लिए कई दिनों से भर्ती थे. 9 सितंबर को उनके निवास गांव जोबला में उनका अंतिम संस्कार किया गया.

झारखंड प्रदेश के उत्तरी छोटानागपुर स्थित हजारीबाग जिले के कोलियरी ग्रामीण इलाके के संताली गांव जोबला निवासी का. महावीर मांझी किशोरावस्था में ही पार्टी के विचारों से प्रभावित हुए और 1985 में पार्टी के आंदोलनात्मक कामकाज से जुड़ गए. वे तब से ही लगातार सक्रिय रहे. अपने गांव में पार्टी को मजबूत बनाने के साथ-साथ इलाके के अन्य संताली आदिवासी गांवों में पार्टी के विस्तार व आंदोलनों में उन्होंने स्थानीय अगुआ की भूमिका निभाई.

उन्होंने कोयलांचल में मजदूर-किसानों की गोलबंदी और आदिवासी अस्मिता व अधिकारों को लेकर चल रहे  सांस्कृतिक आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. 1996 में झारखंड संस्कृति मंच की स्थापना और संताली सांस्कृतिक टीम ‘अंजोम’ (सुनिए) का गठन में उनकी बड़ी भूमिका रही. उन्होंने संताल आदिवासी समाज में एक संस्कृतिकर्मी व भाकपा(माले) नेता के रूप में प्रतिष्ठा और पहचान हासिल की. संताल समाज को नयी दिशा देने के लिए संताल सामाजिक संगठनों को खड़ा करने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई.

वर्ष28
अंक39