वर्ष - 29
अंक - 2
04-01-2020

रांची में वाम-लोकतांत्रिक, सामाजिक और छात्र संगठनो द्वारा ‘संविधान बचाओ मार्च’ निकाला गया. विभिन्न इलाकों से रैली की शक्ल में बड़ी संख्या में आए लोग इस मार्च में शामिल हुए. जिला प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं मिलने की वजह से जिला स्कूल के मैदान में ही प्रतिवाद सभा की गयी. प्रर्तिरोध आन्दोलन में शहीद हुए लोगों को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि देने के बाद आयोजित हुई सभा को भाकपा(माले) विधायक का. विनोद सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय, पूर्व विधायक अरूप चटर्जी, माकपा के राज्य सचिव जीके बख्शी, भाकपा(माले) केे राज्य सचिव का. जनार्दन प्रसाद, अधिवक्ता एके राशिदी, जेवीएम नेता अंतु तिर्की, माकपा नेता सुखनाथ लोहरा. अधिवक्ता फादर महेंद्र पीटर तिग्गा, सीटू के महासचिव प्रकाश विप्लवी तथा सुमित राॅय ने संबोधित किया.

सभा ने पांच-सूत्री राजनीतिक प्रस्तावों को पारित कर संविधान विरोधी एनपीआर, एनआरसी व नागरिकता संशोधन कानून को वापस लेने, जेएनयू-जामिया-एएमयू समेत 33 विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा जारी आन्दोलन के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए छात्रों पर दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने, उतर प्रदेश के आम लोगों पर बर्बर सरकारी दमन पर रोक लगाने तथा असम के डिटेंशन कैम्प और आन्दोलन के दौरान मृतकों को दस लाख मुआवजा और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की और ‘संविधान बचाओ मार्च’ की अनुमति नहीं देने पर जिला प्रशासन की कड़ी निदा की.

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कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार बशीर अहमद, केडी सिंह (पूर्व राज्य सचिव-भाकपा), प्रफुल्ल लिंडा (राज्य सचिव, आदिवासी अधिकार मंच) तथा संचालन नदीम खान (सामाजिक कार्यकर्ता) व भुवनेश्वर केवट (मजदूर नेता) व धन्यवाद ज्ञापन महिला अधिकार कार्यकर्ता अलोका कुजूर ने किया. बाद में का. विनोद सिंह एवं का. अरूप चटर्जी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर उपरोक्त मांगों से अवगत कराया.

कार्यक्रम में फादर सोलोमन, सुशांतो मुखर्जी (मासस नेता), अजय सिंह (भाकपा), उमेश कुमार (इप्टा), सेराज दत्ता (सामाजिक कार्यकर्ता), प्रबीन पीटर, एमएल सिंह (बैंक कर्मियों के नेता), ज़ेवियर कुजूर (एआईपीएफ), आकाश रंजन (सामाजिक कार्यकर्ता), दामोदर तुरी (विस्थापन विरोधी मोर्चा), जगरनाथ उरांव (मज़दूरनेता), मंटू पासवान (एसयूसीआई), सुरेश मुंडा (प्रमुख, रातू), मुंतजिर आलम (उपप्रमुख, ओरमांझी), सुफल महतो (किसान नेता), प्रकाश टोप्पो (आदिवासी अधिकार मंच), मो शकील अंसारी (पसमांदा मुस्लिम महाज), ताबिश (रैप गायक) आदि शामिल थे.

जेएनयू के पूर्व छात्र नेता वीरेंद्र कुमार, सनम आफरीन व जेबा जफर, एएमयू के पूर्व छात्रा नेता कामरान आसिफ, जामिया के छात्र हसन बन्ना, अखलाद व शोऐब, आइसा के सोहैल, एसएफआई के अमन कुमार, एआइएसएफ़ के लोकेश कुमार, एआईडीएसओ से श्यामल, एमएसएफ शहबाज आलम, आरवाईए के अविनाश रंजन व जगमोहन समेत कई छात्र-युवा नेताओं ने भी कार्यक्रम में शिरकत की. इसके अलावा अधिवक्ता अफ्फाक रशीदी, प्रोफेसर खुर्शीद हसन, शिक्षक तनवीर आलम, सामाजिक कार्यकर्ता अकरम राशिद, डाॅ. तारिक, कमला मुंडा, महेश मुंडा, स्वाति सिंह, पाॅवेल कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिभा, अनिता अग्रवाल, वनिता लियोफलको, शकीना धोराजीवाला, सुषमा बिरौली, अपर्णा बाड़ा, मनोज ठाकुर, मुन्ना बड़ाईक, अनिता तिर्की, सैमुएल कुजूर, विजय तीडू, रंजीत कुजूर आदि समेत कई वरिष्ठ नागरिक, बुद्धिजीवी व सामाजिक कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए.

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