विगत 2 फरवरी 2021 को पटना में संपन्न हुई भाकपा(माले) की बिहार राज्य स्थायी समिति की एकदिवसीय बैठक ने जिसमें भाकपा(माले) महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य व पोलित ब्यूरो सदस्य व वरिष्ठ नेता का स्वदेश भट्टाचार्य सहित कई शीर्षस्थ नेता शामिल थे, बिहार में किसान आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया गया.

भाकपा(माले) ने 6 फरवरी 2021 को किसान संगठनों द्वारा आहूत चक्का जाम आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूरे राज्य में अपने नेताओं-कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरने का आह्वान किया तथा आगामी 23 फरवरी 2021 को बिहार में किसान आंदोलन की पहचान बन चुके किसान नेता सहजानंद सरस्वती के जन्म दिवस पर ‘किसान दिवस’ मनाने का निर्णय लिया. उस दिन कारपोरेट कब्जे से खेती-किसानी को बचाने के लिए राज्य के हर जिले में किसान मार्च, किसान कन्वेंशन व अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे.

भाकपा(माले)ने बिहार विधान सभा के बजट सत्र के दौरान 26 फरवरी को रसोइयों, 1 मार्च को छात्र-युवाओं, 3 मार्च को खेत मजदूरों व मनरेगा मजदूरों, 5 मार्च को स्वंय सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के प्रदर्शन तथा 16-17 मार्च को आशा कर्मियों के संयुक्त महाधरना की योजनाओं की तैयारी का भी आह्वान किया है.

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