झारखंड में पिछले दिनों गढ़वा जिले के गढ़वा व पलामू जिले के पांकी विधानसभा क्षेत्र स्तरीय कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित हुए. भाकपा(माले) के राज्य सचिव का. जनार्दन प्रसाद ने इनको मुख्य वक्ता के बतौर संबोधित किया.

31 फरवरी 2021 को ठाकुर महल में सुषमा मेहता की अध्यक्षता व अख्तर अंसारी, बीरेंद्र चौधरी, संजय चन्द्रवंशी के संचालन में गढ़वा विधानसभा स्तरीय कैडर कन्वेन्शन आयोजित हुआ. कैडर कन्वेंशन को जिला सचिव काॅ. कालीचरण मेहता, काॅ. अख्तर अंसारी, सुषमा मेहता, वीरेंद्र चौधरी, संजय चंद्रवंशी, किशोर कुमार, सूर्यदेव चौधरी, गोपाल भुईंया, हीरा चौधरी, महताब खान, धनी चौधरी, चंद्रदेव विश्वकर्मा, सोबरन मेहता, सत्येन्द्र मेहता, राजेश्वर यादव, अवधेश मेहता, संगीता देवी, ऊषा देवी, गौरा कुंवर, शिवनारायण सिंह, राजेश्वर राम, अनिता तिवारी, सुधा देवी आदि ने संबोधित किया.

23 फरबरी 2021 को पलामू जिले के डंडार कला में जिला सचिव आरएन सिंह की अध्यक्षता में पांकी विधानसभा स्तरीय कैडर कन्वेंशन सम्पन्न हुआ. कन्वेंशन में दिव्या भगत, त्रिलोकी नाथ, विराज सिंह, कमलेश सिंह चेरो, अविनाश रंजन, अरुण कुमार प्रजापति, रौशन कुमार, अरुण कुमार, तरुण कुमार, मो. उस्मान, राजकुमार, इजहार अली हैदर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.

इन कन्वेंशनों को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) राज्य सचिव काॅ. जनार्दन प्रसाद ने कहा कि देश की राजनीति के केन्द्र में किसान आंदोलन आ गया है और इसको लेकर भारतीय समाज में प्रचार युद्ध चल रहा है. भाजपा इसको बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है. अब तो प्रधानमंत्री भी सीधे मैदान में उतर पड़े हैं. लेकिन, यह आंदोलन पूरे देश में फैलता जा रहा है. हमें इस लड़ाई को और आगे ले जाना है, जिला स्तर पर बड़ी-बड़ी जन पंचायतें करनी हैं औए गांव-प्रखंड स्तर पर प्रचार अभियान चलाना है. अभियान को बेहतर तरीके संचालित करने के लिए अपने नेटवर्क तथा सांगठनिक ढांचे को और सुदृढ़ करने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि दुनिया के बाजार में डीजल-पेट्रोल सस्ता है, भारत में बेहिसाब महंगा. नरेंद्र मोदी महंगाई को देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती बता रहे हैं जबकि उनके अन्य मंत्री महंगाई के लिए पिछली सरकार को जिम्मेवार बता रहे हैं. वे सब कुछ देश की पूंजीपतियों के फायदे के लिए कर रहे हैं. लाॅकडाउन के दौरान 12 करोड़ लोग बेरोजगार हो गए, गरीब बदहाल हो गए लेकिन देश के 100 पूंजीपतियों को लाखों-करोड़ों की कमाई हो गई. भाजपा राज में सभी आवश्यक वस्तुओं पर अडानी-अंबानी का अधिपत्य कायम होते जा रहा है. नतीजतन, महंगाई बेतहाशा बढ़ रही हैं और जीवन जटिल होता जा रहा है. देश में बढ़ती महंगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. देश में चल रहे किसान आंदोलन में 200 किसानों की मृत्यु हो चुकी है. लेकिन, सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है और कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है. ये सरकार आम जनता और किसानों के हित में नहीं, काॅरपोरेट के हित में काम कर रही है.