पिछले दिनों पेट्रोल की कीमत ने जब 100 रु. की सीमा रेखा पार कर ली तो पूरे देश में लोगों के सब्र के बांध टूट गए और हर जगह स्वतःस्पफूर्त प्रतिवाद कार्यक्रम होने लगे. पहले से ही भयानक मंदी व कई तरह के संकटों का सामना कर रही देष की जनता के लिए यह असहनीय स्थिति है. पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस में लगातार हो रही मूल्य वृद्धि ने आम लोगों का जीना मुष्किल कर दिया है. महंगाई ने सारे रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं.

सारे रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं. पेट्रोल के दाम में इस अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे सरकार अंतराष्ट्रीय स्तर पर मूल्य वृद्धि का तर्क देती है, जो सरासर गलत है. कोरोना व लाॅकडाउन के समय अंतराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रो पदार्थों की कीमत निगेटिव दर्ज की गई थी, लेकिन उस दौर में भी यहां पेट्रो पदार्थों की कीमत में कोई कमी नहीं आई थी. उस पूरे दौर में जनता की गाढ़ी कमाई लूटी गई.

2018 में अंतराष्ट्रीय स्तर पर 84 डाॅलर/बैरल पेट्रोल की कीमत थी, तब भारत में वह 80 रु. प्रति लिटर था. 2021 में अभी जब अंतराष्ट्रीय कीमत 61 डाॅलर/बैरल है, तो यहां उसकी कीमत 100 रु. प्रति लिटर से भी अधिक हो गई है. इसके बनिस्बत 2008 में जब अंतराष्ट्रीय कीमत 147 डाॅलर बैरल थी, तो यहां पेट्रोल काफी कम यानि 45 रु. प्रति लिटर की दर से बेचा जा रहा था. अंतराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में बढ़ोतरी का तर्क पूरी तरह गलत है.

अभी सरकार पेट्रोल पर तकरीबन 60 और डीजल पर 54 प्रतिशत टैक्स लेती है. यह टैक्स लगातार बढ़ता ही जा रहा है. सरकार को जनता पर लगाए गए टैक्स को कम करने और काॅरपोरटों पर टैक्स बढ़ाने का काम करना चाहिए.

आज खुद देश में कच्चे तेल के उत्पादन की मात्रा पहले से कहीं कम हो गई है. सरकारी कंपनी ओनजीसी के पास पैसा ही नहीं है कि वह कच्चे तेल का स्रोत ढूंढ सके2000-2001 में जहां भारत 75 प्रतिशत पेट्रो पदार्थ आयात करता था, वहीं 2016-19 में यह आयात बढ़कर 95 प्रतिशत हो गया. अभी 2021 में यह आयात 84 प्रतिशत है. जाहिर है कि राष्ट्रवादी होने का दंभ भरने वाली मोदी सरकार अपने देश में संसाधन ढूंढने व उसके विकास करने के बजाय पेट्रोलियम पदार्थों के आयात को बढ़ावा दे रही है और आयातित पेट्रो पदार्थों का इस्तेमाल जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने में कर रही है.

जिन राज्यों में चुनाव होता है, सरकार वहां दाम में कुछ कमी करके चुनाव जीतने का प्रयास करती है. अभी असम में पेट्रोल की कीमत 5 रु. कम कर दी गई है, क्योंकि वहां चुनाव होने वाला है.

पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में हुई इस वृद्धि के खिलाफ पूरे देश में विरोध कार्यक्रम हुए.

बिहार: विरोध प्रदर्शन स्वतः शुरू हो गए

20 फरवरी 2021 को नरकटियागंज (प. चंपारण) में हर रोज बढ़ रहे रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम के विरोध में प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया गया. पुतला दहन करने के बाद सभा को खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के जिला अध्यक्ष मुखतार मियां ने कहा कि पड़ोसी देश नेपाल, बांग्लादेश श्रीलंका, पाकिस्तान और म्यांमार समेत तमाम देशों में भारत की तुलना में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बहुत कम है. पुतला दहन कार्यक्रम को नजरे आलम, केदार राम, ध्रुव राम आदि नेताओं ने भी संबोधित किया.

21 फरवरी को अरवल में जिला सचिव जितेंद्र यादव व खेग्रामस नेता उपेंद्र पासवान के नेतृत्व में भाकपा(माले) कार्यालय से भगत सिंह चौक तक प्रतिरोध मार्च निकाल कर एवं पुतला दहन किया गया.

भगत सिंह चौक पर आयोजित प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) विधायक महानंद सिंह ने कहा कि जब भाजपा की सरकार नहीं थी तो भाजपा नेता कहते थे ‘बहुत हुआ महंगाई का मार, अबकी बार मोदी सरकार’. अब मोदी सरकार के आते ही डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ते-बढ़ते शतक पार चले गए हैं. यह सरकार केवल और केवल अडानी और अंबानी की सरकार बन कर रह गई है जो पूरे देश को बेचने पर अमादा है. उन्होंने आम लोगों से इस सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की अपील की.

मौके पर महेंद्र प्रसाद, विजय यादव, नंदकिशोर कुमार, देवमंदिर सिंह, महेश्वर सिंह, शोएब आलम, शाह शाद, हाफिज इंजीनियर रिजवान आदि मौजूद थे.

21 फरवरी को समस्तीपुर के ताजपुर में अस्पताल चौक पर भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पूतला फूंका. कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने हाथों में नारे लिखे तख्तियां, झंडे, बैनर लेकर गांधी चौक से जुलूस निकाला और बाजार क्षेत्र का भ्रमण करते हुए पुनः अस्पताल चौक पहुंचकर प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सभा आयोजित की. बह्म्रदेव प्रसाद सिंह, वंदना सिंह, मो. चांद, प्रभात रंजन गुप्ता, आशिफ होदा, नौशाद तौहीदी, मो. एजाज, मो. सदीक, राकी खान, मो. हुसैन, मो. परवेज आदि ने सभा को संबोधित करते हुए बढ़ती महंगाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेवार ठहराया.

22 फरवरी को राजधानी पटना के कंकड़बाग में टेंपो स्टैंड पर पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया.

भाकपा(माले) बिहार राज्य कमेटी ने 23-24 फरवरी को राज्यव्यापी विरोध दिवस शोषित किया. सभी जिला कमिटियों ने दो दिनों तक मोदी सरकार की इस जनविरोधी कार्रवाई के खिलाफ जनता को जागरूक किया विरोध मार्च आयोजित किए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया.

23 फरवरी को डीजल-पेट्रोल के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि व बेलगाम महंगाई के खिलाफ डुमरांव में नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया गया. उसी दिन, गया जिले के मानपुर प्रखंड में भाकपा(माले) व ऐपवा संयुक्त बैनर से प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया. कार्यक्रम में ऐपवा की जिला सचिव रीता वर्णवाल, गुड़िया देवी, चांदो देवी, भाकपा(माले) के प्रखंड सचिव सुदामा राम, अरविंद तांती, मो. अख्तर आदि नेता शामिल रहे.

नालंदा जिला मुख्यालय बिहार शरीफ में वरिष्ठ भाकपा(माले) नेता का. पाल बिहारी लाल के नेतृत्व में अस्पताल चौराहा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया गया. पुतला दहन में भाकपा(माले) जिला कमेटी के काॅ. महेन्द्र प्रसाद, इंनौस के जिलाध्यक्ष वीरेश कुमार, भाकपा(माले) जिला कमेटी सदस्य सुनील कुमार, ठेला फुटपाथ वेंडर्स यूनियन के जिला सचिव रामदेव चौधरी व जिलाध्यक्ष किशोर साव, इंसाफ मंच के जिला संयोजक सरफराज अहमद खान, मो. चांद, लौंगी शर्मा, राजकिशोर प्रसाद, रामप्रीत केवट, नरेश प्रसाद, महेन्द्र प्रसाद, मो. अब्दुला, फैयाज मल्लिक व डब्लू यादव शामिल थे. नालंदा जिले के हिलसा, इस्लामपुर व चंडी प्रखंड मुखयालयों पर भी विरोध मार्च आयोजित कर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया.

पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस में बेतहाशा मूल्य वृद्धि के खिलाफ नवादा में भी नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया गया. मुजफ्फरपुर में 24 फरवरी 2021 को पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस पर बेतहाशा मूल्यवृद्धि तथा कमर तोड़ महंगाई के खिलाफे शहर सहित प्रखंड मुख्यालयों में भी प्रतिवाद मार्च निकाला गया. शहर में हरिसभा चौक स्थित भाकपा(माले) कार्यालय से झंडा-बैनर के साथ नारे लगाते हुए मार्च निकला जो क्लब रोड, कल्याणी, मोतीझील, तिलक मैदान रोड, जवाहर लाल मार्ग, साहू रोड, छोटी कल्याणी से गुजरा. इस दौरान ‘बहुत हुई महंगाई की मार-अब नहीं मोदी सरकार’, ‘जनता नहीं काॅरपोरेट कंपनियों पर टैक्स बढ़ाओ’, ‘महंगाई थोप कर देश व जनता को तबाह करना बंद करो’, ‘पेट्रोलियम कंपनियों को लूटने की छूट देना बंद करो’ जैसे नारे लगाए गए.

मार्च में भाकपा(माले) नगर सचिव सूरज कुमार सिंह, इंसाफ मंच के जिला अध्यक्ष फहद जमां, आइसा के राज्य पार्षद दीपक कुमार, शहनवाज, फैजान अख्तर, सौरभ कुमार, आदिल हुसैन, सत्यम सिंह, विक्की कुमार, सचिन कुमार, इंनौस के शफीकुर रहमान, मो. गुलजार तथा भाकपा(माले) के विजय गुप्ता, सुरेश ठाकुर, राजकिशोर प्रसाद, संतलाल पासवान, मुन्ना कुरैशी, दशरथ दास सहित अन्य छात्र-नौजवान और पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे.

24 फरवरी को अरवल जिले के खभेनी गांव में भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने बढ़ते पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के दामों के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया कुर्था में भी भाकपा(माले) प्रखंड सचिव महेश यादव के नेतृत्व में बढ़ते पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया.

गया में अम्बेडकर चौक से टावर चौक तक जुलूस निकाल कर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया. उसी दिन टेकारी में भी भाकपा(माले) प्रखंड सचिव विनोद पासवान, खेग्रामस जिला सचिव रोहन यादव, रवि कुमार, लेलुन्न मांझी, दीना मांझी, निवास कुमार अंबेडकर के नेतृत्व में पुतला दहन किया गया.

भाकपा(माले) व ऐक्टू ने भागलपुर में स्थानीय घंटाघर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया. झंडे, बैनर व तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने मौके पर देश विरोधी मोदी सरकार की आम जनता को तबाह व बर्बाद करने वाली नीतियों व कार्रवाईयों के खिलाफ जोरदार नारे बुलंद किये और मोदी सरकार का पुतला फूंक कर आक्रोश जताया.

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा(माले) के राज्य कमिटी सदस्य एसके शर्मा व नगर प्रभारी सह ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने किया. भाकपा(माले) के नगर सचिव सुरेश प्रसाद साह, जगदीशपुर सचिव सिकंदर तांती, तिलका मांझी जोनल सचिव अमर कुमार, नाथनगर ब्रांच सचिव प्रवीण कुमार पंकज, ऐक्टू के जिला उपाध्यक्ष मनोज कृष्ण सहाय, संयुक्त सचिव अमित गुप्ता, सुभाष कुमार, श्यामनंदन सिंह, राजेश कुमार दास, मो. मुमताज, शैलेन्द्र सिंह, सिद्धार्थ कुमार, सजनी देवी, गुड़िया देवी, गुरुदेव तांती, मनोहर सिंह, श्याम मंडल, उमेश तांती, मलको देवी, गीता देवी, नरेश पंडित, सुबोध सिंह आदि शामिल रहे.

मधुबनी में भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने माले नगर से लहेरियागंज मुख्य सड़क तक प्रतिवाद मार्च निकाला और प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया. प्रतिवाद मार्च को भाकपा(माले) जिला कमेटी सदस्य विशंभर कामत, आइसा के जिला अध्यक्ष प्रमोद कामत, भाकपा(माले) के राजनगर प्रखंड सचिव दानी लाल यादव, योगेन्द्र यादव, महाकांत यादव आदि ने संबोधित किया.

डीजल, पेट्रोल तथा रसोई गैस की मुल्यबृद्धि के खिलाफ जहानाबाद में ऐपवा ने प्रतिरोध मार्च निकाल कर प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया. 24 फरवरी पटना सिटी में भी ऐपवा के बैनर तले प्रधानमंत्री का पुतला जलाया गया.

 

Strong Protest in Jharkhand

झारखंड भी पीछे नहीं

पेट्रोल, डीजल रसोई गैस और खाद्यान्न सामग्री की बेतहाशा मूल्यवृद्धि के खिलाफ 22 फरवरी 2021 को रांची में वाम दलों ने प्रतिरोध मार्च निकाला. ‘अच्छे दिन का खुल गया पोल, सौ रुपए डीजल-पेट्रोल’, ‘पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि वापस लो’, ‘रोको महंगी, बांधो दाम, नहीं तो होगा चक्का जाम’ के जोरदार नारों के साथ भाकपा(माले), भाकपा, माकपा, मासस व एसयूसीआई के कार्यकर्ताओं ने जिला स्कूल के मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक प्रतिवाद रैली निकालकर मोदी सरकार का पुतला फूंका. इस मौके पर भाकपा(माले) केंद्रीय कमेटी के सदस्य शुभेंदु सेन ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, सरसों तेल के दाम में बढोतरी कर केन्द्र सरकार ने गरीब व निम्न मध्यम वर्ग के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. पेट्रोल के मूल्य वृद्धि से परिवहन भाड़ा, माल भाड़ा और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम में भी इजाफा होगा. केंद्र सरकार जनता पर दोहरा बोझ लादने का काम कर रही है. सरकार मूल्य वृद्धि वापस ले, वरना आंदोलन और तेज होगा. माकपा के जिला सचिव सुखनाथ लोहरा ने कहा कि कंपनियों के सामने सरकार नतमस्तक हो गई है मूल्य वृद्धि कंपनियों के दादागिरी की देन है. भाकपा के जिला सचिव अजय सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बहानेबाजी छोड़कर देश की जनता के हित में मुल्य वृद्धि वापस ले. कार्यक्रम में भाकपा(माले) के जिला सचिव भुवनेश्वर केवट, मासस के सुशांतो मुखर्जी, एसयूसीआई के मिंटू पासवान, आकाश रंजन, भीम साहू, छात्र नेता सोहेल अंसारी, नौरीन अख्तर, सीनगी खलखो, अभय साहू, बृजेश कुमार, बासुदेव मंडल, माकपा के प्रफुल्ल लिंडा, एसके राय, वीणा लिंडा, वीरेंद्र कुमार, प्रकाश टोप्पो, भाकपा के मेहुल कुमार, फरजाना फारूखी, एके रसीदी शामिल थे.

बेलगाम महंगाई के खिलाफ कोडरमा पिपचो चौक पर इंकलाबी नौजवान सभा के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया गया. इस मौके पर इंनौस के जिला सचिव कौलेश्वर राणा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार महंगाई को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है. भाकपा(माले) जयनगर प्रखंड के सचिव अशोक यादव, शंभु वर्मा, चांद अख्तर, रामचन्द्र साव, शाहिद अंसारी, राजेन्द्र यादव, अब्दुल अंसारी, राजू कुमार आदि शामिल थे.

24 फरवरी 2021 को कोडरमा जिले के डोमचांच के टैक्सी स्टैंड में भी डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस तथा सरसों तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि के खिलाफ भाकपा(माले) के बैनर तले नरेंद्र मोदी का पूतला दहन किया गया.

धनबाद में 21 फरवरी को रणधीर वर्मा चौक में वाम दलों की ओर से नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया. उसी दिन गढ़वा में आयोजित कैडर कन्वेंशन की समाप्ति पर रंका मोड़ पर मोदी सरकार का पुतला दहन किया गया और जोरदार नारे लगाए गए.

 

Strong Protest in Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में भी जोरदार विरोध

भाकपा(माले) की उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी ने विगत 23-24 फरवरी 2021 को पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में भयंकर बढ़ोतरी, आसमान छूती मंहगाई व योगी सरकार के बजट के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिवाद आयोजित किया. बनारस जिले में भाकपा(माले) राज्य सचिव कामरेड सुधाकर यादव प्रतिवाद कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने डीजल व पेट्रोल के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर के आमजनों पर मंहगाई का बोझा डाल दिया है. मूल्यवृद्धि से जनता की जेब से पैसा निकाल ले रही है. उन्होंने मोदी और योगी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर कहा कि इसमें गरीबों के लिए मनरेगा में रोजगार तथा शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. सार्वजनिक जीवन के खर्चों के लिए कुछ भी नहीं है. उन्होंने बताया कि पूरा बजट भारत की संपूर्ण अर्थव्यवस्था को कारपोरेट की सेवा के लिए समर्पित है.

लखनऊ में वाम दलों - भाकपा(माले), माकपा, फारवर्ड ब्लाॅक ने संयुक्त प्रर्दशन कर जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया. प्रर्दशन में भाकपा(माले) के लखनऊ के जिला प्रभारी का. रमेश सेंगर, राज्य कमेटी सदस्य राधेश्याम मौर्य, रामदरस, ऐक्टू राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य चंद्रभान गुप्ता, ऐक्टू जिला संयोजक मधूसुदन मगन, इंनौस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव गुप्ता, इंसाफ मंच के एडवोकेट कामिल आदि शामिल थे.

बलिया के सिकंदरपुर में भाकपा(माले) व किसान महासभा के नेतृत्व में मोदी का पुतला दहन कर मूल्यवृद्धि व योगी सरकार के नौजवान-किसान-मजदूर विरोधी बजट का विरोध किया गया. भाकपा(माले) की मथुरा इकाई ने 23 फरवरी को जिला मुख्यालय पर जुझारू प्रदर्शन कर मूल्यवृद्धि तुरंत वापस करने की मांग करते हुए एडीएम (प्रशासन) को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शन व सभा को राज्य कमेटी सदस्य व मथुरा के जिला प्रभारी का. नशीर शाह ने संबोधित किया. जालौन में जिला सचिव राजीव कुशवाहा तथा खेग्रामस नेता रामसिंह के नेतृत्व में प्रतिरोध मार्च निकाला गया.

सोनभद्र जिला मुख्यालय पर भाकपा(माले), भाकपा और माकपा ने संयुक्त तौर पर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया और पेट्रोल, डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी एवं कार्यकर्ता शेख मो. कलीम के पुलिसिया उत्पीड़न का विरोध किया. दो अलग-अलग मांग पत्रों के जरिए पेट्रो पदार्थाे के दाम घटाने तथा मो. कलीम का उत्पीड़न बंद करने की मांग की गई. प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा(माले) के जिला सचिव सुरेश कोल, खेग्रामस नेता शंकर कोल, भाकपा के जिला सचिव आरके शर्मा, माकपा के जिला सचिव नंदलाल आर्य और अन्य नेताओं ने किया.

आजमगढ़ के लालगंज तहसील में वामपंथी संगठन के कार्यकर्ताओं ने डीजल, पेट्रोल, गैस की बढ़ी कीमतों और मंहगाई के खिलाफ प्रदर्शन कर उपजिला अधिकारी, लालगंज को राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्री मांग पत्र सौपा. उपस्थित लोगों को भाकपा(माले), वामपंथी संगठनों व किसान महासभा के नेताओं ने संबोधित किया. लखीमपुर खीरी में पलिया तहसील में ऐपवा व भाकपा(माले) की नेता कामरेड आरती राय के नेतृत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया. सीतापुर में भाकपा(माले) व किसान महासभा ने कई जगहों पर धरना दिया. जौनपुर में भाकपा(माले) जिला प्रभारी कामरेड गौरव सिंह व किसान महासभा की संयोजक रेनू सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया. इलाहाबाद में भाकपा(माले), भाकपा, माकपा के नेतृत्व में धरना देकर मूल्य वृद्धि का विरोध किया गया. मऊ में भाकपा(माले) जिला सचिव वसंत के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया. गाजीपुर में वाम दलों के संयुक्त नेतृत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया. महराजगंज के सिसवा ब्लाॅक में भाकपा(माले) के नेतृत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया. फैजाबाद में भाकपा(माले) तथा इंनौस ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया. चंदौली जिले के चहनियां में भी प्रदर्शन हुआ.