वर्ष - 30
अंक - 16
12-04-2021

 

28 मार्च 2021 को भाकपा(माले) ने होलिका दहन के मौके पर पूरे उत्तर प्रदेश में तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं. यह जानकारी देते हुए भाकपा(माले) नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार के तीनों कृषि कानून खेती को तबाह करने वाले और किसानों के लिए ‘डेथ वारंट’ हैं. इन कानूनों के खिलाफ दिल्ली बार्डर पर पिछले चार माह से निरंतर किसान आंदोलन जारी है, जिसमें कई किसानों ने शहादत का भी वरण किया. दो-दो बार भारत बंद का आयोजन हुआ और देशभर के किसान विभिन्न मौकों पर सड़कों पर उतर कर काॅरपोरेट को फायदा पहुंचाने वाले इन कानूनों का विरोध कर चुके हैं. यह विरोध अब भी और अपेक्षाकृत रूप से बड़े पैमाने पर जारी है. लेकिन भाजपा सरकार के मन में लोकतांत्रिक आंदोलनों के लिए कोई सम्मान नहीं है. भाजपा लोकतंत्र का इस्तेमाल केवल सत्ता की कुर्सी पाने के लिए करती है और कुर्सी हथियाने के बाद लोकतंत्र व किसानों की आवाज को अनसुना कर अपना असली दमनकारी चेहरा दिखाने लगती है. लेकिन, अन्नदाताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मुट्ठी भर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए खेती और देश को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा. कृषि कानूनों का विरोध तबतक जारी रहेगा, जबतक कि इन्हें वापस लेने की घोषणा नहीं कर दी जाती.

होली में प्रधानमंत्री का पुतला दहन

बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर थाना क्षेत्र के रंधावा दयालपुर, बहुआरा, अंधरवारा, वराठी व काशीपुर; हाजीपुर सदर प्रखंड के दौलतपुर, देवरिया व सुभई; बिदुपुर प्रखंड के महेश्वरपुर व बालाटांड़; लालगंज के सलाहपुर, महाराणा प्रताप चौक व तीन पुरवा चौक; वैशाली प्रखंड के रहीमपुर व शिवाय हाट; पातेपुर प्रखंड के बहुआरा, शिवना चौक व मालपुर सहित जिले भर के एक सौ गांवों में होलिका दहन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया. पुतला दहन के दौरान तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून बनाने, बिजली संशोधन बिल 2020 वापस लेने और विशेष बिहार पुलिस सशस्त्रा अधिानियम 2021 को वापस लेने की मांग की गई. इस कार्यक्रम में किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद यादव, मनोज पांडे, विजय पासवान, उमेश राय, देव कुमार साहनी, डा. प्रेमा देवी यादव, भिखारी सिंह, राम बहादुर सिंह सहित दर्जनों किसान नेताओं ने भाग लिया.