वर्ष - 28
अंक - 37
31-08-2019

ऐक्टू ने 25 अगस्त को गुवाहाटी के प्रेस क्लब में नगांव पेपर मिल और कछार पेपर मिल के मजदूरों के आन्दोलनों के साथ एकजुटता का इजहार करने के लिए राज्यस्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया. भाजपा सरकार ने क्रमशः 2016 और 2017 में इन पेपर मिलों को बंद कर दिया था. नगांव और कछार पेपर मिल की यूनियनों के अलावा नामरूप खाद कारखाना मजदूर यूनियन, असम राज्य बिजली मजदूर यूनियन, असम संग्रामी चा श्रमिक संघ, असम प्रांतीय बैंक कर्मचारी संघ, युनाइटेड वर्कमैन यूनियन व कई अन्य मजदूर संघों के कार्यकर्ता इसमें शामिल थे. चार अन्य केंद्रीय ट्रेड यूनियनों – सीटू, ऐटक, एआइयूटीयूसी और इंटक – ने भी इस कन्वेंशन में हिस्सा लिया.

इन ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं के अलावा प्रख्यात लेखक डा. दिलीप बोरा, चाय मजदूर नेता विवेक दास, पेपर मिल के मजदूर नेता आनंद बारदोलोई, मानवेंद्र चक्रवर्ती, वरिष्ठ पत्रकार खगेन कलिता, प्रसिद्ध गायक लोकनाथ गोस्वामी भी इस कन्वेंशन में शामिल हुए. कामरेड बीरेन कलिता और सुभाष सेन ने इस कन्वेंशन की अध्यक्षता की. ऐक्टू के राज्य सह सचिव पंकज कुमार दास ने कन्वेंशन के लिए आधार पत्र पेश किया. कन्वेंशन के जरिये सभी यूनियनों और समाज के जनवादी तबकों से अपील की गई कि वे देश के मेहनतकश अवाम पर हो रहे फासीवादी हमलों के खिलाफ संघर्षशील एकता और जन प्रतिरोध पैदा करें. कन्वेंशन में फैसला लिया गया कि दोनों पेपर मिलों में फिर से उत्पादन शुरू करने और वहां के मजदूरों के बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग पर 20 सितंबर को गुवाहाटी में संयुक्त प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

इस कन्वेंशन में एचपीसीएल को 4,141 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई. इस स्वीकृति की घोषणा केंद्रीय उद्योग मंत्राी ने हाल के संसद सत्र में की है. कन्वेंशन में ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड के आधुनिकीकरण, चाय मजदूरों को 20 प्रतिशत बोनस और प्रति दिन 350 रुपये की मजदूरी, एटीसी बागान को पुनः खोलने, राज्य के बिजली क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने तथा ठेका व अन्य असंगठित कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रस्ताव पारित किए गए. कन्वेंशन में एक संयुक्त मंच भी बनाया गया – ‘उद्योग बचाओ, मजदूर बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति’. कन्वेशन में आॅर्डनेंस श्रमिकों की हड़ताल के समर्थन में भी प्रस्ताव पारित किया गया था. कामरेड बलिंद्र सैकिया ने कन्वेंशन में क्रांतिकारी गीत पेश किए.

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