वर्ष - 28
अंक - 37
31-08-2019

प्रखंड विकास पदाधिकारी के ड्राइवर मो. शम्सुद्दीन उर्फ भोला एवं मो. किताबउद्दीन मंसूरी की हत्या के खिलाफ विगत 27 अगस्त को हुसैनगंज (सीवान) में प्रतिवाद मार्च निकाला गया जो भाकपा(माले) कार्यालय से शुरू होकर बाजार से गुजरते हुए हुसैनगंज चट्टी पर पहुंचा. वहां एक प्रतिवाद सभा आयोजित की गई. सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड सचिव व अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता का. जयनाथ यादव ने कहा कि मो. शम्सुद्दीन व मो. किताबउद्दीन की हत्यायें सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा करती है. सुशासन की सरकार राज्य में बढ़ते अपराध को रोकने में विफल साबित हो रही है. सीवान में अपराधी बेखौफ हो चुके हैं और एक के बाद एक हत्या, बलात्कार व अपहरण की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. उन्होंने पीड़ित परिवारों को 10 लाख रु. मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी देने तथा अपराधियों की तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की. अन्य वक्ताओं ने बढ़ते अपराध को रोकने के लिए तमाम न्यायपसंद लोगों से एकजुट होने की अपील की. का. प्रदीप कुशवाहा की अध्यक्षता में संपन्न हुई सभा में सैकड़ों लोग उपस्थित थे.