वर्ष - 32
अंक - 28
08-07-2023

नालंदा जिले के नौडीहा (हिलसा प्रखंड) में अस्थाई महंत शिवानंद दास के द्वारा नौडीहा, भदौल व मुरारपुर गांव के बटाईदारी कर रहे किसानों पर लगी धारा 144 धारा को निरस्त करने और खेत को बटाईदारों के द्वारा आबाद करने तथा जल जीवन हरियाली के नाम पर पुना गांव में ग्रामीण लंपट सुबोध यादव के द्वारा ग्रामीणों पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ विगत 5 जुलाई 2023 को अनुमंडलाधिकारी, हिलसा के समक्ष विशाल प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरूष मजदूर और किसान शामिल हुए. प्रदर्शन बुढ़वा महादेव से शुरू होकर सिनेमा मोड़ व जोगीपुर मोड़ होते हुए रेलबे क्राॅसिंग को पार कर अनुमंडल पदाधिकारी के पास पहुंचा.

इस प्रदर्शन का नेतृत्व खेग्रामस के जिला अध्यक्ष प्रमोद यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड सचिव दिनेश यादव व जिला अध्यक्ष मुनीलाल यादव, भाकपा(माले) के प्रखंड सचिव अरुण यादव व जिला कमेटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद बिंद, भीम बिंद व संजय पासवान आदि कर रहे थे प्रदर्शन में शामिल महिला-पुरुष ‘बटाईदार किसानों को बेदखल करने का महंत का साजिश नहीं चलेगा’, ‘नौडीहा इलाका में शांति में खलल डालना बंद करो’, ‘नौडीहा, भदौल, मुरारपुर के बटाईदारों का हक बहाल करो’, ‘पुना गांव के लंपट सुबोध यादव को गिरफ्तार करो’ आदि नारे जोश-खरोश के साथ लगा रहे थे. प्रदर्शन अनुमंडल कार्यालय पहुंचा जहां खेग्रामस के प्रखंड संयोजक कलेंद्र पासवान की अध्यक्षता में सभा की गई.

सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस जिला सचिव रामधारी दास ने कहा कि बटाईदारों की मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज होगा भाकपा(माले) के हिलसा प्रखंड सचिव अरुण यादव ने कहा कि नौडीहा, मुरारपुर, भदौल और पुना की जनता ने लंबे समय से बंजर पड़ी जमीन को अपना खून-पसीना बहा कर उसे खेती लायक बनाया. महंथ से 20 वर्षों के एग्रीमेंट के तहत वे जमीन को आबाद कर रहे थे. उन्होंने असिंचित खेती को सिंचित बनाया जिससे लंबे समय के बाद उस इलाके में शांति बहाल हुई. अस्थाई महंत शिवानंद दास उस शांति को भंग करना चाहते हैं. प्रशासन भी इसमें पक्षपात पूर्ण रवैया अख्तियार कर रहा है. भाकपा(माले) इन किसानों और मजदूरों की इंसाफ की लड़ाई में मजबूती के साथ खड़ी है. उन्होंने अनुमंडलाधिकारी से  इलाके में शांति को कायम रखने हेतु बटाईदार किसानों को जोतने और फसल उगाने का अधिकार देने, धारा 144 को निरस्त करने और कसानों पर महंत द्वारा किया गया झूठा मुकदमा वापस लेने की मांग की.

सभा को शिवशंकर प्रसाद, प्रोफेसर शैलेश यादव, राजेंद्र दास, संतोष पासवान, श्याम किशोर, सुगंबर राम, कमलेश पासवान, तुलचन्द मांझी, किसान नेता रमाकांत शर्मा, अशोक रविदास, संतोष राम, भीम मांझी ने भी संबोधित किया.