वर्ष - 32
अंक - 31
30-07-2023

विगत 19 जुलाई 2023 को मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित भूमि अधिकार सम्मेलन में जुटे हजारों लोगों ने आहर-पोखर और सरकारी जमीन पर बसे दलित, आदिवासी, गरीब खेतिहर मजदूरों के घरों पर बुलडोजर चलाने और पुलिस बल प्रयोग से उन्हें बेदखल करने की भाजपा सरकार की धौंस-धमकी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

प्रदर्शन में भाकपा(माले) लिबरेशन के राज्य सचिव का. श्याम गोहिल व औरंगाबाद के जिला सचिव का. बुद्धिनाथ बराल के नेतृत्व में ऐक्टू से संबद्ध लालबावटा शेत मजदुर यूनियन से जुड़े सैकड़ों भूमिहिन खेत मजदूरों व आदिवासियों ने भाग लिया. भारी तादाद में महिलाओं ने भी इसमें शिरकत की.

सम्मेलन का. नामदेव मोरे, का. मधुकर रोडगे, का.अरुण कितीसाई बृशिंदे, का.हरिदास, का. प्रह्लाद भांगरे, बराव साहेब घाटे, का. उशाबाई सोनवणे, का. शीला शिंदे, का. संमीदर बाई, का. अशाबाई माली, का. कमलबाई माली, का. नवनाथ सालते, का. कल्याण माले, का. बुजुलाबाई काले आदि समेत कई नेत्तृत्वकारी साथी मौजूद थे.

प्रदर्शन के बाद विधायक राजू शेट्टी, सुरेश माने, सपा नेता अबु आजमी और अन्य नेताओं ने भू-राजस्व मंत्री को जमीन बेदखली के खिलाफ आवेदन पत्र दिया. शेतकरी कामगार परिषद के नेता और विधायक का. जयंत पाटील ने गायरन जमीन से भूमिहिन खेतिहर मजदुरों, दलितों और आदिवासियों की जमीन से बेदखली और दमन  के खिलाफ विधानसभा में भी आवाज बुलंद की.