वर्ष - 32
अंक - 28
08-07-2023

शिक्षक नियमावली, 2023 पर जारी गतिरोध के मद्देनजर उसपर पुनर्विचार की मांग के साथ विगत 5 जुलाई 2023 को बिहार के तीन वाम दलों – भाकपा(माले), भाकपा और माकपा की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता माकपा के राज्य सचिव ललन चौधरी ने की.

बैठक में भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेंद्र झा, वरिष्ठ नेता केडी यादव, भाकपा के राज्य सचिव रामनरेश पांडे, शिक्षक नेता शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, एमएलसी संजय कुमार, माकपा के पूर्व राज्य सचिव अवधेश कुमार और सर्वाेदय शर्मा उपस्थित थे. यह बैठक भाकपा(माले) विधायक दल कार्यालय में हुई.

बैठक के बाद वामदलों ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा है कि शिक्षक नियमावली, 2023 से वाम दलों की सहमति नहीं है. 2020 के महागठबंधन के संकल्प पत्रा में सभी शिक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा दिए जाने की घोषणा की गई थी. यह बात सही है कि उस समय महागठबंधन में नीतीश कुमार शामिल नहीं थे, लेकिन वर्तमान सरकार का संकल्प वही होना चाहिए जो 2020 के महागठबंधन के घोषणापत्र में था.

वामदल ने सरकार से शिक्षक नियमावली, 2023 पर पुनर्विचार करने और परीक्षा की बाध्यता हटाने, शिक्षक अभ्यर्थियों की परेशानियों को सुनने और उनके प्रतिनिधियों से भी बातचीत करने की मांग की है.

10 जुलाई से शुरू हो रहे विधानमंडल सत्र के पहले वाम दल के प्रतिनिधि इस सवाल पर एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से मिलकर मामले का हल निकालने की कोशिश करेंगे.