वर्ष - 32
अंक - 33
12-08-2023

dalit girlभाकपा(माले) नेताओं की टीम ने विगत 1 अगस्त को मुजफ्फरपुर के एक छात्रावास में दलित छात्रा खुशीराज के संदिग्ध मौत के मामले की जांच की. जांच दल मृत छात्रा के परिजनों से मिलने बोचहां स्थित भगवानपुर डढ़ियां गांव पहुंची. जांच दल में पार्टी के राज्य कमेटी के सदस्य शत्रुघ्न सहनी और सूरज कुमार सिंह, खेत मजदूर सभा के जिला सचिव रामनंदन पासवान, पार्टी के बोचहां प्रखंड सचिव रामबालक सहनी और जिला कमेटी सदस्य बिंदेश्वर साह व वीरेंद्र पासवान शामिल थे.

खुशी के पिता प्रकाश कुमार पासवान ने बताया कि हमने अपनी बेटी खुशी को सर्वश्री हाॅस्टल, मिठनपुरा में मेडिकल की तैयारी के लिए रखा था. लेकिन 1 अगस्त को उसे हत्या कर फंदे से लटका दिया गया. उसके पैर में बिजली के करंट का निशान भी देखा गया था. हत्या में हाॅस्टल संचालक व उसके कर्मी का हाथ है. उन्होंने बताया कि खुशी की किसी साजिश के तहत हत्या की गई है. लेकिन मुख्य आरोपी हाॅस्टल संचालक बद्री प्रसाद सिन्हा को अभी तक जेल नहीं भेजा गया है. वह बीमारी का बहाना बनाकर जेल से बाहर है और अपने प्रभाव से पुलिस-प्रशासन को प्रभावित कर रहा है. ऐसी स्थिति में न्याय मिलने में संदेह है. उन्होंने कहा कि पुलिस के रूख से हमलोग निराश हैं.

भाकपा(माले) की जांच टीम ने नीतीश सरकार से खुशी की मौत की अविलंब एसआईटी जांच कराने, हाॅस्टल के मालिक को जेल भेजने, स्पीडी ट्रायल चलाने, खुशी के परिजनों को सुरक्षा प्रदान करने तथा परिजनों को 25 लाख रूपये की सहायता राशि देने की मांग की है.

भाकपा(माले) नेताओं ने कहा है कि आज छात्रायें बड़ी संख्या में शहर के हाॅस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है. लेकिन खुशी की मौत ने समाज को झकझोर कर रख दिया है. दूर-दराज के गांवों से शहर में आकर पढ़ाई कर रही लड़कियों के साथ आये दिन घट रहीं इस तरह की खौफनाक घटनाएं अत्यंत चिंता की बात है. लड़कियों को हाॅस्टल, काॅलेज और रास्ते में सुरक्षा प्रदान करने के मामले में पुलिस-प्रशासन गंभीर नहीं है.

भाकपा(माले) ने खुशी की हत्या के खिलाफ तथा न्याय के लिए धारावाहिक आंदोलन चलाने की घोषणा की है. आनेवाले दिनों में गांव-पंचायत में कैंडिल मार्च निकाला जायेगा. प्रखंड व जिला स्तर पर भी प्रदर्शन व न्याय मार्च आयोजित किया जायेगा.