वर्ष - 28
अंक - 40
21-09-2019

पांच वामपंथी पार्टियों – भाकपा(माले)-लिबरेशन, सीपीआई(एम), सीपीआई, ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाॅक (एआईएफबी) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) ने दिल्ली में बैठक करके 16 सितम्बर 2019 को निम्नलिखित बयान जारी किया है. बयान पर भाकपा(माले)-लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई के महासचिव डी. राजा, एआईएफबी के महासचिव देवब्रत बिश्वास और आरसीपीआई के महासचिव क्षिति गोस्वामी के हस्ताक्षर हैं.

“गहराते आर्थिक संकट और जनता पर थोपी जा रही बढ़ती बदहाली के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवाद की कार्यवाही की योजना बनाने के लिये वामपंथी पार्टियां नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित कांस्टिट्यूशन क्लब में आगामी 20 सितम्बर 2019 को एक संयुक्त कन्वेंशन संगठित कर रही हैं.

“हाल में वित्तमंत्री द्वारा 70,000 करोड़ रुपये की राशि के जिन कदमों की घोषणा की गई है, वे कोई राहत देने के बजाय संकट को और भी गहरा करेंगे. जरूरत इस बात की है कि बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश को बढ़ाया जाये और अपने अत्यंत जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाये, जिसके साथ ही रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा किये जायें और लोगोें के हाथों में क्रयक्षमता बढ़ाई जाये.

“यह कन्वेंशन समूचे देश में प्रतिवाद कार्यक्रमों की ठोस योजना तैयार करेगा. वाम पार्टियां उन तमाम लोकतांत्रिक शक्तियों से, जो भी इन प्रतिवाद कार्यक्रमों में शामिल होने को तैयार हों, अपील करती हैं कि वे सामने आयें और जनता के आंदोलन को शक्तिशाली करें.”