वर्ष - 29
अंक - 28
15-07-2020

न्येवेल्लि लिग्नाइट काॅरपोरेशन (एनएलसी) में आए दिन दुर्घटनाएं और फलस्वरूप मजदूरों की मौतें हो रही हैं. 1 जुलाई के दिन भी थर्मल स्टेशन-2 के 210 मेगावाट ब्वायलर में विस्फोट के चलते 6 मजदूर मारे गए और गंभीर रूप से घायल 17 अन्य मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह काफी मुनाफा कमाने वाली केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र कंपनी के प्रबंधन की घोर लापरवाही को ही दिखाता है. अभी हाल ही में 7 मई को ऐसी ही एक अन्य दुर्घटना में 7 मजदूरों को जान गंवानी पड़ी है. अगर इस दुर्घटना के बाद प्रबंधन ने चौकसी बरती होती तो 1 जुलाई को दुर्घटना नहीं हो पाती. एनएलसी के प्रबंध निदेशक समेत वहां का पूरा प्रबंधन करोड़ों रुपये के घोटाले में फंसा हुआ है.

एनएलसी और विशाखापत्तनम जैसी दुर्घटनाएं दिखाती हैं कि सुरक्षा कानूनों का कड़ाई से पालन न करने पर कितना खतरा पैदा हो सकता है. ऐक्टू मांग करता है कि:

  1. मृतक मजदूरों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपया और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी दी जाए.
  2. जलने से गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 50-50 लाख रुपया मुआवजा दिया जाए.
  3. खाली पड़े हजारों स्थायी पदों पर ठेका मजदूरों की बहाली कर सभी ठेका मजदूरों को स्थायी बनाया जाए.
  4. लगातार हो रही जानलेवा दुर्घटनाओं के मद्देनजर कार्य-स्थलों पर श्रमिकों में आत्मविश्वास जगाना जरूरी है. तकनीकी रूप से विशेषज्ञों की टीम गठित की जाए जो सुरक्षा में तमाम किस्म की त्रुटियों की जांच-पड़ताल करे.
  5. दुर्घटनाओं पर श्वेत पत्र जारी करो और एनएलसी के उच्च प्रबंधन द्वारा किए गए घोटाले की जांच करो.
  6. जब तक दुर्घटना की जांच पूरी न हो जाए और इसके जिम्मेदार सुरक्षा मामलों के शीर्ष अध्किारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा शुरू न हो जाए, तबतक उन अधिकारियों को निलंबित रखा जाए.