वर्ष - 32
अंक - 15
08-04-2023

मजदूर अधिकारों पर बढ़ते फासीवादी हमले के खिलाफ होगा आंदोलन

मजदूर अधिकारों पर बढ़ते फासीवादी हमले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान करते हुए असंगठित कामगार महासंघ (ऐक्टू) का तीसरा बिहार राज्य सम्मेलन 26 मार्च 2023 (रविवार) को पटना के दरोगा राय पथ स्थित स्वतंत्रता सेनानी हाॅल में सम्पन्न हुआ. सम्मेलन की अध्यक्षता महासंघ के राज्य अध्यक्ष मुकेश मुक्त, राज्य उपाध्यक्ष शिवशंकर प्रसाद व सुरेन्द्र प्रसाद सिंह के तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल और संचालन राज्य सचिव सुभाष कुमार, रामचंद्र दास व मुकेश कुमार की टीम ने की. सम्मेलन की शुरुआत ‘मजदूर आंदोलन के क्रांतिकारी विरासत को लाल सलाम!’, ‘रोजी-रोटी व सामाजिक सुरक्षा के लिए संघर्ष तेज करो’, ‘संविधान-लोकतंत्र के रक्षा की लड़ाई को मजबूत करो’, ‘असंगठित कामगार महासंघ के तीसरे राज्य सम्मेलन को सफल बनाओ’ आदि गूंजते नारों के बीच झंडोत्तोलन और मजदूर आंदोलन सहित वाम-जनवादी संघर्षों के तमाम शहीदों व दिवंगतों की याद में निर्मित शहीद वेदी पर माल्यार्पण करने व दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई.

सम्मेलन का उदघाटन ऑल इंडिया कंस्ट्रक्शन वर्कर्स फेडरेशन (एआइसीडग्ल्यूएफ) के राष्ट्रीय महासचिव का. एसके शर्मा ने की. उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए मजदूर वर्ग पर केन्द्र सरकार की लगातार तेज होते हमलों की विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि भाजपानीत मोदी सरकार ‘तबाही’ और ‘विनाश’ का पर्याय बनी हुई है. मोदी शासन में असंगठित मजदूरों सहित करोड़ों आम मेहनतकश लोग गरीबी और भुखमरी के दलदल में डूब गए हैं. मजदूर विरोधी लेबर कोड कानून के जरिए मोदी सरकार ने मजदूरों को चरम अधिकारहीनता की आग में झोंक दिया है.

सम्मेलन के प्रतिनिधि सत्र में महासंघ के राज्य अध्यक्ष मुकेश मुक्त ने मजदूर विरोधी लेबर कोड, रोजी-रोटी, समाजिक सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी, संविधान-लोकतंत्र पर हमले आदि सवालों पर संगठन की गतिविधियों और कार्यभार से सम्बंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. प्रतिवेदन पर बहस में विभिन्न जिलों के पंद्रह प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. प्रतिनिधियों के सलाह-सुझावों को समाविष्ट करने के बाद सम्मेलन ने सर्वसम्मति से प्रतिवेदन को पारित किया.

सम्मेलन के पर्यवेक्षक और मुख्य वक्ता ऑल इंडिया सेन्ट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) के राज्य महासचिव सह राष्ट्रीय सचिव आरएन ठाकुर ने महासंघ के संविधान के अनुसार नई राज्य कार्यकारिणी का चुनाव सम्पन्न कराया. सम्मेलन ने सर्वसम्मति से 25 सदस्यीय राज्य कमिटी निर्वाचित की जिसमें सुरेन्द्र प्रसाद सिंह को अध्यक्ष, शिवशंकर प्रसाद, संगीता देवी, सावित्री देवी व रामचंद्र दास को उपाध्यक्ष, मुकेश मुक्त को महासचिव, सुभाष कुमार, मुकेश कुमार, राजकुमार ऊर्फ पप्पू शर्मा व पुरुषोत्तम प्र. सिंह को सचिव, शशिशेखर चौबे को कोषाध्यक्ष और प्रभुदयाल सिंह, बच्चा बाबू, कंचन देवी, मो. यूनुस, बीजो देवी, अरविन्द शर्मा, रामलाल राम, बालमुकुंद चौधरी, राजेश कुमार दास, सिकंदर तांती, विद्या कुमार, मो. इकबाल व हरी कुमार राय को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया. मुख्य वक्ता आरएन ठाकुर ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शोषन-दोहन की सबसे अधिक मार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को ही झेलना पड़ता है. फासीवादी-साम्प्रदायिक-काॅरपोरेट हमलों के निशाने का साॅफ्ट टारगेट भी यही तबका है. इस विशाल मेहनतकश समूह को आधुनिक गुलाम बनाने के लिए शासक वर्ग हर प्रकार के हथकंडे अपना रहा है. ऐसी स्थिति में इन्हें गोलबंद कर अपनी हित रक्षा के संघर्ष में उतारने की जरूरत है और इस कार्यभार को पूरा करना असंगठित कामगार महासंघ की फौरी जिम्मेदारी है.

सम्मेलन को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोपगुट) के सम्मानित राज्य अध्यक्ष रामबली प्रसाद, भाकपा(माले) के राज्य कमिटी सदस्य जितेंद्र कुमार, मुकुल कुमार, रामचंद्र दास, चंदेश्वर सिंह, अमित कुमार, शिवचंद्र महतो आदि दर्जनों अतिथियों-प्रतिनिधियों ने संबोधित किया.

पटना के शहीद मजदूर नेता का. देवईश्वर प्रसाद व भागलपुर के दिवंगत मजदूर नेता का. गणेश पासवान के सम्मान में उनके नाम पर क्रमशः सम्मेलन स्थल व सभागार का नामकरण किया गया था. राज्य के 14 जिलों से 28 महिलाओं सहित कुल 102 प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हुए. असंगठित कामगार महासंघ की इस वर्ष 10 हजार सदस्यता भर्ती का लक्ष्य हासिल करने, कामकाज के सभी जिलों में सम्मेलन के जरिए जिला स्तरीय ढांचा बनाने व कार्यकर्ता विकसित करने आदि पांच सूत्री कार्यभार को ग्रहण किया. आगामी 4 अप्रैल को विधानसभा सत्र के दौरान ऐक्टू के आह्वान पर मुख्यमंत्री के समक्ष मजदूरों का होने वाले विरोध प्रदर्शन में बड़ी भागीदारी व 22 अप्रैल तक चलने वाले ‘लोकतंत्र बचाओ-जनसंवाद’ में व्यापक हिस्सेदारी और मजदूरों के हक-अधिकार के लिए बड़ी एकजुटता कायम करने के संकल्प के साथ सम्मेलन समाप्त हुआ.

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