मुजफ्फरपुर थाना हाजत हत्याकांड के खिलाफ प्रतिवाद मार्च

29 जुलाई 2023 को मुजफ्फरपुर जिले के देवरिया थाना हाजत में पुलिस की बर्बर पिटाई से 18 वर्षीय मो. गोलू की मौत हो गई. दो अन्य युवकों, मो. इम्तियाज और मो. नौशाद को, पुलिस ने पीट-पीट कर अधमरा कर दिया.

चार सालाना स्नातक कोर्स और फीस वृद्धि के खिलाफ बिहार में आइसा का राजभवन मार्च

विगत 17 जुलाई 2023 को आइसा ने चार सालाना स्नातक कोर्स, फीस वृद्धि व बिहार के विश्वविद्यालयों में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता के खिलाफ राजभवन मार्च निकाला. राजभवन मार्च कारगिल चौक से निकला जिसे जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग के सहारे रोक दिया. आइसा कार्यकर्ता राज्यपाल से मिलने की मांग पर अड़े रहे एव करीब एक घंटे तक सड़क को जाम रखा. राज्यपाल बिहार में नहीं थे. बाद में प्रशासन से हुई बातचीत के बाद आइसा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के ओएसडी संजय कुमार से मिल कर ज्ञापन सौंपा.

मध्य प्रदेश में भाजपाई नेता द्वारा आदिवासी के ऊपर पेशाब करने की घटना के खिलाफ आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन

विगत दिनों मध्य प्रदेश के सीधी जिला में एक आदिवासी के ऊपर भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला द्वारा पेशाब करने की शर्मनाक घटना सामने आई. भाकपा(माले), आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अन्य कई संगठनों ने भाजपा नेता पर कठोर कार्रवाई करने की मांग को साथ देश के विभिन्न हिस्सों में आक्रोशपूर्ण विरोध प्रदर्शन किये.

दलित-गरीबों को उजाड़े जाने के खिलाफ खेग्रामस-मनरेगा मजदूर सभा का राज्यव्यापी प्रदर्शन

विगत 11जुलाई 2023 को अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और मनरेगा मजदूर सभा के राज्यव्यापी आह्वान पर दलित-गरीबों को  उजाड़ने की नोटिस दिए जाने के खिलाफ बिहार के 50 से ज्यादा अनुमंडल मुख्यालयों पर अक्रोशपूर्ण प्रदर्शन हुआ. मसौढ़ी, पालीगंज, बाढ़, गया, टेकारी, हिलसा, नवादा, बलिया, समस्तीपुर, दरभंगा, बिरौल, मुजफ्फरपुर, बेनीपट्टी, सिवान, जहानाबाद, डेहरी आदि अनुमंडलों पर हजारों दलित-गरीबों ने अपनी मांगों को ज्ञापन सौंपते हुए इस बात का ऐलान किया कि अगर सरकार नीतिगत निर्णय नहीं लेती है तो 1अगस्त को ग्रामीण मजदूरों की राज्यव्यापी हड़ताल होगी.

मणिपुर हिंसा के खिलाफ एआइपीएफ-इंसाफ मंच की प्रतिवाद सभा

भाजपा शासित मणिपुर में विगत 2 महीने से जारी सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ तथा वहां के मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह की तत्काल बर्खास्तगी और शांति की बहाली की मांग के साथ विगत 3 जुलाई 2023 को पटना के बुद्ध स्मृति पार्क में एआइपीएफ और इंसाफ मंच की ओर से प्रतिवाद सभा का आयोजन किया गया.

चार सालाना स्नातक कोर्स के खिलाफ आइसा की दो दिवसीय भूख हड़ताल

17 जुलाई को राजभवन मार्च

बिहार में लागू हो रहे चार सलाना स्नातक कोर्स एवं फीस वृद्धि के खिलाफ  विगत 4-5 जुलाई 2023 को आइसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) ने राज्यव्यापी दो दिवसीय भूख हड़ताल किया. पटना विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय (गया), वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (आरा), ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (दरभंगा), बीएन मंडल विश्विद्यालय (मधेपुरा), जेपी विश्वविद्यालय (छपरा), तिलका मांझी विश्वविद्यालय (भागलपुर) आदि सहित राज्य भर में लगभग सभी विश्वविद्यालय मुख्यालयों पर भूख हड़ताल का आयोजन किया गया.

प्रखंड मुख्यालय पर खेमस का प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश खेत मजदूर सभा (खेमस) व भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर देवरिया के बनकटा ब्लाॅक मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर निम्नलिखित मांगों से सम्बंधित प्रदेश के राज्यपाल को सम्बोधित पत्र बीडीओ को सौंपा.

बिहार विधान सभा के समक्ष खेत व ग्रामीण मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन

भाजपाई बुलडोजर की तर्ज पर बिहार के दलितों-गरीबों पर चल रहे बुलडोजर के खिलाफ विगत 28 मार्च 2023, को बिहार की राजधानी पटना में अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर से हजारों खेत मजदूरों-दलितों-गरीबों ने विधानसभा के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया. गेट पब्लिक लाइब्रेरी से प्रदर्शन निकला और गर्दनीबाग धरनास्थल पर एक बड़ी सभा आयोजित हुई, जिसे खेग्रामस नेताओं के अलावे भाकपा(माले) विधायकों ने भी संबोधित किया.

‘रेलवे बचाओ-नौकरी बचाओ’ देशव्यापी प्रतिरोध दिवस

‘रेलवे बचाओ-नौकरी बचाओ, देशव्यापी प्रतिरोध दिवस’ के तहत झारखंड में छात्र-नौजवानों ने विगत 28 जनवरी 2022 को रेलवे प्लेटफार्म पर विरोध प्रदर्शन करते हुए रेल रोकी.

बिहार बंद : रोजगार के सवाल पर छात्र-युवाओं का आक्रोश फूटा

छात्र संगठन आइसा व युवा संगठन इनौस विगत 28 जनवरी को आहूत बिहार बंद काफी असरदार रहा. बंद के दौरान एनएच 31, 57 सहित कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम लगा तथा कई जिलों में सड़कों पर आवाजाही ठप्प रही. आइसा-इनौस के अलावे बिहार बंद के समर्थन में कई दूसरे छात्र-युवा संगठन भी सड़क पर उतरे. छात्र-युवा संगठनों ने कहा कि सरकार रोजगार के सवाल पर उठ खड़ा हुआ आंदोलन अब रूकेगा नहीं. सरकार द्वारा दिया जा रहा झांसा बेकार साबित होगा.