उत्तर बिहार की लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित, सरकार की व्यवस्था नदारद : तटबंधों के निर्माण में हुआ भारी भ्रष्टाचार

भाकपा(माले) के राज्य सचिव कुणाल और पोलितब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया है कि कोरोना की तरह वह बाढ़ की भयावहता व विस्तार को भी कम करके देख रही है, जिसके कारण आज करोड़ों लोगों की जिंदगी संकट में पड़ गई है. सरकार की इस अव्वल दर्जे की लापरवाही के खिलाफ आगामी 4 अगस्त को पूरे उत्तरी बिहार में, यानी गोपालगंज से लेकर कटिहार तक, मुख्य मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा.

नई शिक्षा नीति: तालीम को रौंद देने वाला बदलाव

दिल्ली विवि शिक्षक संघ (डूटा) ने महामारी के समय नई शिक्षा नीति को कैबिनेट की मंजूरी पर गहरा एतराज जताया है. डूटा ने कहा कि परीक्षाएं आयोजित करने की सरकार की जिद छात्र-छात्राओं के लिए भेदभाव-भरी और बहिष्कृत करने वाली हैं. इससे शिक्षण संस्थानों में संकट गहरा हो गया है.

चुनाव आयोग को बिहार के विपक्षी दलों का संयुक्त ज्ञापन

विगत 15 जुलाई 2020 को बिहार के विपक्षी दलों के राज्याध्यक्षों / सचिवों का हस्ताक्षरयुक्त संयुक्त ज्ञापन चुनाव आयोग, बिहार को सौंपा गया. इस संयुक्त ज्ञापन में विपक्षी दलों ने प्रमुख रूप से चुनाव के वर्चुअल तरीके की बजाए परंपरागत शैली में चुनाव करवाने, जनता की व्यापक भागीदारी और चुनाव में पारदर्शिता, निष्पक्षता व विश्वसनीयता बनाए रखने की मांग की.

यह भी मांग की गई कि चुनाव आयोग को इस बात की गारंटी करनी चाहिए कि चुनाव कोरोना संक्रमण का बड़ा कारण न बन जाए.

वरवर राव को आजाद करो! सभी राजनैतिक कैदियों को रिहा करो!

जन कवि और राजनीतिक कार्यकर्ता वरवर राव के परिवार ने मुबई के तलोजा जेल में उनके बेहद बिगड़ते स्वास्थ्य के बारे में पूरी दुनिया को आगह किया है. उनके परिवार ने कहा कि उनका एक काॅल आया था जिससे पता चला कि उन्हें हेलुसिनेशन (मतिभ्रम) हो रहा है, और उनके एक संगी कैदी ने बताया कि वे चल-फिर नहीं पा रहे हैं – यहां तक कि वे खुद से शौचालय नहीं जा रहे हैं और न मुंह धे पा रहे हैं.

इस सूचना से जनता में व्यापक विक्षोभ फैला और नतीजतन, वरवर राव को अस्पताल में भर्ती किया गया.

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बयान संविधान की मूल भावना के खिलाफ – माले

सुप्रीम कोर्ट द्वारा तमिलनाडु में ‘नीट’ पोस्ट ग्रेजुएशन मामले में रिजर्वेशन को लेकर की गई टिप्पणी संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आरक्षण कोई बुनियादी अधिकार नहीं है. भाकपा(माले) राज्य सचिव कुणाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी करार देते हुए कहा कि आरक्षण की परिकल्पना सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए की गई है, यह कोई भीख में दी गई चीज नहीं है.

“प्रतिरक्षा क्षेत्र में अंधाधुंध एफडीआई से भारत की रक्षा क्षमता कमजोर होगी” : भाकपा(माले) ने प्रधान मंत्री और प्रतिरक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखी

भाकपा(माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने प्रधान मंत्री और प्रतिरक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि वे प्रतिरक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की अनुमति देन के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें. चिट्ठी में कहा गया है – “हमें यह देखकर काफी आघात लगा है कि केंद्र सरकार के तथाकथित 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के बारे में विस्तृत खुलासा करते हुए वित्त मंत्री ने भारत के प्रतिरक्षा उद्योग के संबंध में दो अपमानजनक घोषणाएं की हैं.

5 मई 2020 को बिहार में वाम दलों का राज्यव्यापी धरना : पीएम केयर फंड से सभी मजदूरों को घर पहुंचाने की मांग

वाम दलों ने प्रवासी मजदूरों से घर पहुंचाने के एवज में उनसे पैसा वसूलने के सरकार के आदेश की कड़ी निंदा की है और इसे मजदूर और मानवता विरोधी कदम बताते हुए इसके खिलाफ 5 मई को लाॅकडाउन के नियमों का पालन करते हुए धरना देने का आह्वान किया है. यह धरना दिन में 11 बजे से 3 बजे तक होगा जिसमें एक जगह जमा नहीं होना है और शारीरिक दूरी बनाकर रखना है.

प्रधानमंत्री को ऐपवा का पत्र : महामारी से बचाव और महिलाओं व बच्चों का अत्याचार व भूखमरी से बचाव एक दूसरे का विरोधी नहीं है

ऐपवा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रति राव, महासचिव मीना तिवारी और राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन ने विगत 15 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री को पत्र देकर लाॅकडाउन में पूरे देश में महिलाओं पर बढ़ती यौन हिंसा पर रोक लगाने और पीएनपीडीटी एक्ट को कमजोर करने अर्थात भू्रण निर्धारण परीक्षण पर लगी रोक को जून तक हटा लेने संबंधी फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की. पत्र में कहा गया है कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए 3 मई तक लाॅकडाउन बढ़ाने की घोषणा की गई.

नीतीश कुमार को का. दीपंकर का पत्र: हड़ताली शिक्षकों से बात करें

भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने विगत 13 अपैल 2020 को ईमेल के जरिए बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को शिक्षकों की हड़ताल के संदर्भ में पत्र भेजा है. उन्होंने पत्र में शिक्षक प्रतिनिधियों से वार्ता कर जारी गतिरोध को समाप्त करने का अनुरोध किया है.